भगवानपुर हाट/Siwan News: सिवान जिले के भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र में डीजे और आर्केस्ट्रा के प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर आयोजित मटका फोड़ कार्यक्रम के दौरान नियमों के उल्लंघन को लेकर अब तक तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।
इन मामलों में 9 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है।
प्रशासन की कार्रवाई वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सामूहिक आयोजनों के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
जन्माष्टमी कार्यक्रम के बाद दर्ज हुईं तीन प्राथमिकी
भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मटका फोड़ कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इन आयोजनों के दौरान डीजे और आर्केस्ट्रा के प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की। अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह के अनुसार, मामलों में कुल 9 लोगों को नामजद किया गया है और 60 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस की कार्रवाई वरीय अधिकारियों के आदेश के अनुपालन में की जा रही है।
आर्केस्ट्रा के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि आर्केस्ट्रा का प्रदर्शन प्रतिबंधित है। हालांकि, यदि किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय लोक संस्कृति और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुति होती है, तो उस पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक कार्रवाई का मुख्य फोकस तेज आवाज वाले डीजे और प्रतिबंधित आर्केस्ट्रा कार्यक्रमों पर है।
लाउडस्पीकर नहीं, डीजे संचालकों पर हुई कार्रवाई
थानाध्यक्ष ने बताया कि अभी तक किसी लाउडस्पीकर संचालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। जिन लोगों पर कार्रवाई की गई है, वे डीजे संचालक हैं।
उन्होंने डीजे में इस्तेमाल होने वाले बड़े बेस स्पीकर को लेकर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, डीजे में इस्तेमाल होने वाले बेस स्पीकर कई बार 18 इंच से अधिक आकार के होते हैं और इनके उपकरण काफी तेज आवाज पैदा करते हैं। पुलिस का कहना है कि अत्यधिक तेज ध्वनि स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
आयोजकों और संचालकों पर प्रशासन की नजर
भगवानपुर हाट क्षेत्र में आने वाले दिनों में होने वाले सामूहिक आयोजनों को लेकर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है। मेला, जुलूस, पूजा-पाठ या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में ध्वनि उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर निर्धारित नियमों का पालन कराने पर जोर दिया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी प्राथमिकी और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।