बेगूसराय: बिहार विधान परिषद की आगामी चुनावी प्रक्रिया के बीच सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद वीरेंद्र नारायण यादव ने बेगूसराय में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी सर्वेश कुमार के समर्थन में मतदाताओं से अपील की।
वीरेंद्र नारायण यादव ने सर्वेश कुमार को योग्य और शिक्षित उम्मीदवार बताते हुए उनके पिछले कार्यकाल का उल्लेख किया। बिहार विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वीरेंद्र नारायण यादव सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू के विधान पार्षद हैं।
सर्वेश कुमार के काम का किया उल्लेख
वीरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि सर्वेश कुमार की उम्मीदवारी गौरव का विषय है। उनके मुताबिक, पिछले छह वर्षों में सर्वेश कुमार ने विधान परिषद में बिहार के विकास, वित्त रहित शिक्षकों की समस्याओं और अन्य मुद्दों को मजबूती से उठाया है।
उन्होंने सर्वेश कुमार को ईमानदार और अपनी बात को तर्क के साथ रखने वाला जनप्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उच्च सदन में उनकी भूमिका का इस्तेमाल बिहार के विकास से जुड़े विषयों के लिए किया जा सकता है।
वीरेंद्र नारायण यादव ने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई विधान पार्षद सर्वेश कुमार की योग्यता से परिचित हैं। उन्होंने वित्त रहित शिक्षकों के हित में सरकार की ओर से लिए गए फैसलों का भी उल्लेख किया।
‘यह सामान्य चुनाव नहीं’
वीरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सामान्य चुनाव से अलग होता है और इसके लिए लंबे समय से तैयारी करनी पड़ती है। उन्होंने अपने संबोधन में सर्वेश कुमार समेत एनडीए के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान की अपील की।
उन्होंने कहा कि बिहार में सरकार के काम और विकास के मुद्दे चुनावी चर्चा का हिस्सा हैं। हालांकि, चुनावी नतीजे को लेकर किसी भी दावे को अंतिम परिणाम से पहले अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सर्वेश कुमार को भाजपा ने 2026 के विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने 29 सितंबर को बिहार की चार शिक्षक-स्नातक सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी।
सर्वेश कुमार बोले- परिणाम का पूर्व अनुमान नहीं करना चाहिए
कार्यक्रम के दौरान दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी एवं निवर्तमान विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने कहा कि कोई भी चुनाव प्रतिस्पर्धी होता है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार को अपना काम करना चाहिए और परिणाम ईश्वर की कृपा पर छोड़ना चाहिए।
सर्वेश कुमार ने अपने पिछले कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने छह वर्षों तक राज्य के हित को प्राथमिकता देते हुए काम किया। उन्होंने कहा कि अच्छे काम का परिणाम अच्छा आने की उनकी मान्यता है।
167 दिन सदन में उपस्थित रहने का दावा
सर्वेश कुमार ने अपने विधान परिषद के कार्यकाल का ब्यौरा देते हुए कहा कि कुल 170 कार्य दिवसों में वह 167 दिन सदन में उपस्थित रहे। उनके अनुसार, उन्होंने प्रश्न, ध्यानाकर्षण, निवेदन, शून्यकाल, संकल्प, बहस और चर्चा के माध्यम से 294 बार सदन में हस्तक्षेप किया।
उन्होंने शिक्षा से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। सर्वेश कुमार ने कहा कि शाम्हो अकहा कुरहा में बिहार का पहला डिग्री कॉलेज बनने और राज्य के प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित करने से जुड़े काम हुए हैं।
शिक्षा और शिक्षकों के मुद्दे उठाने की बात
सर्वेश कुमार ने कहा कि वह सदन की शिक्षा समिति, सरकारी आश्वासन समिति और लोक लेखा समिति (PAC) के सदस्य रहे हैं। उन्होंने शिक्षा, शिक्षकों की समस्याओं और वित्तीय प्रशासन को व्यवस्थित करने जैसे मुद्दों को सदन में उठाने की बात कही।
उन्होंने अपने संबोधन में बिहार में रोजगार और औद्योगिकीकरण की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत, बौद्ध पर्यटन तथा पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं हैं।
उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से ईस्ट एशिया के बौद्ध देशों, जिसमें जापान भी शामिल है, में बिहार पर्यटन के आउटफिट स्थापित करने का आग्रह किया था।
‘मैंने जो किया है, उस पर वोट मांगता हूं’
सर्वेश कुमार ने कहा कि वह अपने काम के आधार पर मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह नकारात्मक अभियान में विश्वास नहीं करते और मतदाताओं से लोकतंत्र की सफलता, बिहार के विकास और राज्य के हित में मतदान करने की अपील करते हैं।
बिहार में 2026 के विधान परिषद चुनाव के लिए आठ सीटों पर चुनाव होना है, जिनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। भाजपा ने दरभंगा स्नातक सीट से सर्वेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है।