गंडक का जलस्तर बढ़ने से छपरा-मुजफ्फरपुर हाईवे पर प्रभावित हुआ आवागमन; मकेर की बाढ़ प्रभावित पंचायतों से भी लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी टीमें
छपरा/Saran Flood। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने सारण में हालात मुश्किल कर दिए हैं। बाढ़ का पानी अब छपरा-मुजफ्फरपुर एनएच-722 तक पहुंच गया है। सड़क पर पानी आने से कई जगह आवागमन प्रभावित हुआ है और कुछ लोग पानी के बीच फंस गए हैं। ऐसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार खुद नाव से प्रभावित इलाके में पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मौके पर रहकर बाढ़ की स्थिति देखी और पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए चल रहे रेस्क्यू अभियान की निगरानी की।
NH-722 पर पहुंचा बाढ़ का पानी, रास्ता प्रभावित
गंडक के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद बाढ़ का पानी एनएच-722 के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच गया है। सड़क पर पानी जमा होने और कुछ जगह पानी के बहाव के कारण सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है।
ऐसी स्थिति में सड़क पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है। इसके लिए बचाव दलों को प्रभावित हिस्सों में लगाया गया है। डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और बचाव कार्य में लगे दलों से अभियान की जानकारी ली।
30 सितंबर को भी मकेर के अस्पताल चौक के पास एनएच-722 पर गंडक का पानी चढ़ने और सड़क के ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी गुजरने की रिपोर्ट सामने आई थी। तटबंध टूटने के बाद मकेर और अमनौर के कई गांवों में बाढ़ का संकट बढ़ने की जानकारी भी सामने आई थी।
मकेर की पंचायतों में भी पानी, निकासी अभियान जारी
मकेर प्रखंड में सारण मुख्य तटबंध के क्षतिग्रस्त होने के बाद कई पंचायतों और गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से निकासी अभियान चलाया जा रहा है।
पानी का फैलाव बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने के लिए उपलब्ध नाव और अन्य बचाव संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मकेर में तटबंध टूटने के बाद पहले से ही राहत और बचाव के लिए NDRF और SDRF की टीमें सक्रिय किए जाने की जानकारी सामने आई थी। प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नावों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
NDRF-SDRF समेत बचाव दल मैदान में
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने NDRF, SDRF और अन्य बचाव दलों को सक्रिय रखा है। इन टीमों का काम पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों से लोगों की निकासी करना है।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जलस्तर और पानी के फैलाव में होने वाले बदलाव पर नजर रखकर जरूरत के अनुसार बचाव अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
अधिकारियों ने मौके से संभाली कमान
डीएम वैभव श्रीवास्तव और एसपी रोशन कुमार के प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने के बाद बचाव अभियान की निगरानी मौके से की गई। अधिकारियों ने फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों का जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल करने के निर्देश दिए।
फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और संवेदनशील इलाकों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने पर है।
बढ़ते पानी के बीच प्रशासन अलर्ट
गंडक का पानी लगातार फैलने की स्थिति में प्रभावित इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। एनएच-722 जैसे प्रमुख मार्ग पर पानी पहुंचने से सामान्य आवागमन भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में प्रशासन के सामने एक साथ दो चुनौती हैं—पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और बाढ़ के बढ़ते प्रभाव पर लगातार नजर रखना।
जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं और स्थिति के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान का दायरा बढ़ाने की तैयारी में हैं।