23 अगस्त को धांधी-बेलारी पहुंचने की संभावना; करीब दो महीने में मुख्यमंत्री का भागलपुर में तीसरा दौरा, विकास योजनाओं की भी हो सकती है समीक्षा
भागलपुर। सावन की आस्था के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भागलपुर दौरे को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। 23 अगस्त को अजगैवीनाथ धाम से जुड़े धांधी-बेलारी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की संभावना है। हालांकि, जिला प्रशासन को अभी मुख्यालय से कार्यक्रम का अंतिम पत्र नहीं मिला है।
सावन के समापन से पहले होने वाले इस संभावित दौरे का सबसे अहम पहलू कांवरियों और श्रद्धालुओं से सीधा संवाद माना जा रहा है। मुख्यमंत्री श्रावणी मेले की व्यवस्थाओं का फीडबैक ले सकते हैं। पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, सुरक्षा, आवागमन, विश्राम स्थल और घाटों की व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं के अनुभव जानने की संभावना है।
दो महीने में तीसरी बार भागलपुर
मुख्यमंत्री करीब दो महीने में तीसरी बार भागलपुर पहुंच सकते हैं। इससे पहले 15 जुलाई को उन्होंने गोराडीह के कासिल में राज्य के 211 नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन की शुरुआत की थी। इसके बाद 28 जुलाई को अजगैवीनाथ धाम पहुंचकर श्रावणी मेला-2026 का उद्घाटन किया था।
कासिल से शिक्षा और विकास की बड़ी घोषणाएं
15 जुलाई का कासिल दौरा कई बड़ी घोषणाओं के लिए चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री ने 211 नए डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की। इसी दौरान भागलपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की गई। बाद में मंत्रिमंडल ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी।
मुख्यमंत्री ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए 220 एकड़ जमीन हस्तांतरण की जानकारी देते हुए इसे एक साल के भीतर स्थापित करने की बात कही थी। विक्रमशिला सेतु की समस्या के समाधान के लिए नए पुल के निर्माण पर 126 करोड़ रुपए स्वीकृत किए जाने और 20 नवंबर 2026 से पहले इसे आम लोगों के लिए खोलने का लक्ष्य भी बताया गया था।
भागलपुर में करीब 400 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने, दो एयरपोर्ट की संभावना तलाशने और अजगैवीनाथ धाम क्षेत्र में एयरपोर्ट की संभावनाओं पर भी मुख्यमंत्री ने बात रखी थी।
श्रावणी मेले को लेकर धार्मिक पर्यटन पर जोर
28 जुलाई को अजगैवीनाथ धाम में श्रावणी मेला-2026 के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने अजगैवीनाथ धाम और उत्तरवाहिनी गंगा क्षेत्र को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करने की बात कही थी।
अजगैवीनाथ धाम से अगुवानी घाट तक रोपवे, एयरपोर्ट और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी योजनाओं पर भी जोर दिया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन और ट्रिपल आईटी भागलपुर की पहल पर तैयार ई-श्रावणी ऐप भी लॉन्च किया गया। इसमें रूट, स्वास्थ्य, पेयजल, सुरक्षा समेत जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
अब घोषणाओं के बाद जमीनी हकीकत पर नजर
23 अगस्त का संभावित दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि श्रावणी मेला अब अंतिम पड़ाव पर है। ऐसे में मुख्यमंत्री के सामने सिर्फ व्यवस्थाओं की रिपोर्ट नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं का जमीनी अनुभव भी आ सकता है।
अगर दौरे के दौरान विकास योजनाओं की समीक्षा होती है तो विक्रमशिला सेतु, विक्रमशिला विश्वविद्यालय, एआई एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय, औद्योगिक क्षेत्र, अजगैवीनाथ धाम एयरपोर्ट और धार्मिक पर्यटन से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख मुद्दे रह सकते हैं।
डीएम ने कहा—कार्यक्रम अभी प्रस्तावित
भागलपुर की डीएम अलंकृता पांडेय ने कहा, “मुख्यमंत्री के 23 अगस्त को धांधी-बेलारी आगमन का कार्यक्रम फिलहाल प्रस्तावित है। कार्यक्रम के संबंध में अभी मुख्यालय से अंतिम पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। निर्देश प्राप्त होते ही जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप सुनिश्चित की जाएंगी।”