शिवसागर, Rohtas: पटना में आयोजित एसजीएफआई प्रमंडल स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में रोहतास के शिवसागर प्रखंड के युवा पहलवान विकास कुमार ने अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है।
श्री दुर्गा प्लस टू उच्च विद्यालय के छात्र विकास ने अंडर-14 बालक वर्ग के 38-41 किलोग्राम भार वर्ग में दमदार दांव-पेच दिखाते हुए फाइनल में जगह बनाई है। प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन की विद्यालय परिवार और स्थानीय खेल प्रेमियों ने जमकर सराहना की है।
मैट पर विकास ने शुरुआत से ही फुर्ती, संतुलन और कुश्ती की तकनीक का बेहतर इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ मुकाबलों में प्रभावी रणनीति अपनाई और लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए निर्णायक दौर तक अपनी जगह बनाई।
उनके इस प्रदर्शन के आधार पर उन्हें रजत पदक भी हासिल हुआ है और अब फाइनल मुकाबले में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

दमदार दांव-पेच से प्रतिद्वंद्वियों को दी चुनौती
मलवार गांव निवासी सुनील साह के पुत्र विकास कुमार ने प्रतियोगिता के दौरान अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय दिया। कम उम्र में जिस तरह उन्होंने मैट पर आत्मविश्वास के साथ मुकाबले किए, उससे उनके खेल कौशल की झलक देखने को मिली।
विकास ने मुकाबलों में केवल ताकत के भरोसे रहने के बजाय कुश्ती की तकनीक और सही समय पर लगाए गए दांव-पेच का इस्तेमाल किया। उनके प्रदर्शन को देखकर विद्यालय परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के खेल प्रेमियों में भी उत्साह है।
निर्णायक मुकाबलों में विकास के बेहतर प्रदर्शन के बाद उनके विद्यालय में भी खुशी का माहौल है। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनकी उपलब्धि को विद्यालय के लिए गौरव का विषय बताया है।
खेल शिक्षक ने कहा- विद्यालय के लिए गौरव की बात
विद्यालय के खेल शिक्षक संजय सिंह ने विकास की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उनकी सफलता से विद्यालय परिवार के साथ-साथ पूरे प्रखंड का नाम रोशन हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विकास आगे भी इसी तरह मेहनत जारी रखेंगे और कुश्ती के क्षेत्र में बेहतर उपलब्धियां हासिल करेंगे।

विकास की इस सफलता से यह भी साफ हुआ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उचित प्रशिक्षण, नियमित अभ्यास और सही मार्गदर्शन मिलने पर छोटे शहरों और गांवों के खिलाड़ी भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
कोच के मार्गदर्शन में किया नियमित अभ्यास
विकास की सफलता के पीछे उनके अभ्यास और प्रशिक्षण के साथ-साथ इन्द्रपति यादव का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय जंजरा नाद के शिक्षक, दल प्रभारी सह टीम कोच इन्द्रपति यादव के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के लिए नियमित अभ्यास किया।
प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को कुश्ती की तकनीक, फिटनेस और मुकाबले की रणनीति पर विशेष तैयारी कराई गई। इसी मेहनत का परिणाम प्रतियोगिता में शिवसागर की टीम के प्रदर्शन के रूप में सामने आया।
कोच के मार्गदर्शन में विकास ने अपनी कमियों पर काम किया और मुकाबलों के दौरान आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया। उनकी फाइनल तक की यात्रा में नियमित अभ्यास और बेहतर तकनीक की अहम भूमिका रही।

शिवसागर की टीम ने भी दिखाया दम
एसजीएफआई प्रमंडल स्तरीय प्रतियोगिता में शिवसागर की टीम ने भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया। टीम के खिलाड़ियों ने अलग-अलग मुकाबलों में मेहनत और अनुशासन के साथ हिस्सा लिया।
विकास का फाइनल तक पहुंचना टीम के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे क्षेत्र के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी खेलों में आगे बढ़ने और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
फाइनल मुकाबले पर टिकी निगाहें
विकास के फाइनल में पहुंचने के बाद अब क्षेत्र के लोगों की नजर उनके अगले मुकाबले पर है। शिक्षकों, स्थानीय प्रबुद्धजनों और खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि वह फाइनल में भी अपनी तकनीक और दमदार दांव-पेच का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल करने में सफल होंगे।
विकास की उपलब्धि पर प्रखंड के शिक्षकों, स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह युवा पहलवान कुश्ती के क्षेत्र में शिवसागर और रोहतास का नाम और आगे ले जाएगा।

