रोहतास | कोचस श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन घर में खुशियों का माहौल था। परिवार ने अपने मासूम बेटे को कान्हा के रूप में सजाया था। उसे कृष्ण की पोशाक पहनाई गई थी। गले में मोतियों की माला और सिर पर मोरपंख लगाया गया था। परिवार बच्चे को कान्हा के रूप में देखकर खुश था। लेकिन कुछ ही देर बाद एक छोटी सी घटना ने इस खुशी को मातम में बदल दिया।
रोहतास जिले के कोचस प्रखंड के भगीरथा गांव में जन्माष्टमी के मौके पर कृष्ण बने मासूम आर्यन यादव ने गले में पहनी माला का एक मोती निगल लिया। मोती उसकी सांस की नली में जाकर फंस गया। इसके बाद बच्चे को सांस लेने में परेशानी होने लगी। हालत बिगड़ती देख परिजन उसे लेकर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोचस पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान भगीरथा गांव निवासी विमलेश यादव के बेटे आर्यन यादव के रूप में हुई है। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में बच्चे की उम्र 5 और 6 साल बताई गई है। परिवार गांव में किराये के मकान में रहता है। आर्यन के पिता विमलेश यादव मशरूम उत्पादन का काम करते हैं।
कृष्ण के रूप में सजाया था मासूम को
जन्माष्टमी पर परिवार ने आर्यन को भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजाने की तैयारी की थी। बच्चे को कृष्ण की पोशाक पहनाई गई। उसके सिर पर मोरपंख लगाया गया और गले में मोतियों की माला पहनाई गई। घर के लोग उसे देखकर काफी खुश थे।
इसी दौरान आर्यन ने गले में पड़ी माला को मुंह की तरफ खींच लिया। इसी क्रम में माला का एक मोती उसके मुंह में चला गया। बच्चे ने उसे निगल लिया। कुछ ही देर बाद उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिवार के लोगों को समझ में आया कि स्थिति गंभीर है। वे बिना समय गंवाए बच्चे को लेकर अस्पताल की ओर निकल पड़े।
अस्पताल में डॉक्टरों ने शुरू किया इलाज
आर्यन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोचस की इमरजेंसी में लाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत देखकर तुरंत इलाज शुरू किया। चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजीत कुमार के अनुसार, मोती बच्चे की श्वासनली में फंस गया था। इसके कारण सांस लेने का रास्ता बाधित हो गया था।
डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही। इलाज के दौरान आर्यन ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। कुछ समय पहले तक जिस बच्चे को परिवार ने बड़े प्यार से कृष्ण का रूप दिया था, उसकी मौत से सभी सदमे में आ गए।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आर्यन की मौत से उसके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। जन्माष्टमी का त्योहार परिवार के लिए इस बार ऐसी याद छोड़ गया, जिसे वे शायद कभी नहीं भूल पाएंगे। घर में जिस बच्चे को देखकर त्योहार की खुशियां मनाई जा रही थीं, उसी की मौत के बाद वहां मातम छा गया।
घटना की जानकारी गांव में पहुंची तो लोग भी स्तब्ध रह गए। लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि माला का एक छोटा सा मोती बच्चे की जान ले सकता है। परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद दर्दनाक है क्योंकि घटना किसी गंभीर बीमारी या लंबे इलाज के कारण नहीं, बल्कि कुछ ही पल में हुए एक हादसे के कारण हुई।
बच्चों के सामने छोटी चीजें रखना हो सकता है खतरनाक
आर्यन के साथ हुई घटना छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। छोटे बच्चे अक्सर खेलते समय चीजों को मुंह में डाल लेते हैं। मोती, माला के दाने, बटन, सिक्के और खिलौनों के छोटे हिस्से उनके लिए खतरनाक हो सकते हैं। इनमें से कोई चीज सांस की नली में फंस जाए तो कुछ ही समय में स्थिति गंभीर हो सकती है।
खासकर त्योहारों या स्कूल के कार्यक्रमों में बच्चों को सजाते समय अभिभावकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। गले में पहनाई गई माला या छोटे आभूषण बच्चे के हाथ तक आसानी से पहुंच सकते हैं। इसलिए ऐसी चीजों का इस्तेमाल करते समय बच्चे पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
आर्यन के परिवार ने भी जन्माष्टमी पर अपने बच्चे को कान्हा बनाकर उसके साथ खुशियां मनाने की सोची थी। किसी ने नहीं सोचा था कि गले में पहनाई गई माला का एक मोती इतना बड़ा हादसा कर देगा। कुछ ही देर में घर की सारी खुशियां मातम में बदल गईं। जिस दिन परिवार को अपने छोटे से कान्हा की यादें संजोनी थीं, उसी दिन उसे खोने का दर्द मिल गया।