शिवसागर (रोहतास): रोहतास जिले के शिवसागर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय गडुरा में प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक और व्यवस्थागत कमियां सामने आई हैं। जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा के मंगलवार को किए गए औचक निरीक्षण में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति, प्रधानाध्यापक की गैरहाजिरी और मध्याह्न भोजन लकड़ी के चूल्हे पर तैयार किए जाने की स्थिति देखी गई। निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधानाध्यापक सहित तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे 24 घंटे के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रधानाध्यापक समेत तीन को नोटिस
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से 3 नवंबर को जारी पत्रांक 859, 860 और 861 के माध्यम से प्रधानाध्यापक सुशील गुप्ता, प्रखंड साधन सेवी एवं एमडीएम प्रभारी प्रमोद कुमार तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सोनू कुमार से जवाब तलब किया गया है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में अपना पक्ष रखने और आरोपों के समर्थन में दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
छात्रों की उपस्थिति कम, कक्षा में भी अव्यवस्था
निरीक्षण के दौरान नामांकित विद्यार्थियों की तुलना में विद्यालय में मौजूद बच्चों की संख्या कम पाई गई। कक्षा संचालन के समय कुछ विद्यार्थी इधर-उधर घूमते मिले। विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की तैनाती होने के बावजूद बच्चों की कम उपस्थिति ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिक्षक और कक्षाओं की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और प्रभावी पठन-पाठन भी इसका जरूरी हिस्सा है।
प्रधानाध्यापक सुशील गुप्ता निरीक्षण के समय विद्यालय में मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति के संबंध में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। सूचना पंजी में भी इस संबंध में आवश्यक प्रविष्टि नहीं मिलने की बात सामने आई। विभाग ने इसे विद्यालय संचालन में लापरवाही और प्रशासनिक अनुशासन से जुड़ा मामला माना है।

लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा था मध्याह्न भोजन
विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन के दौरान भी विभागीय निर्देशों के अनुपालन पर सवाल उठा। निरीक्षण में भोजन गैस सिलेंडर के बजाय लकड़ी के जलावन से तैयार किया जा रहा था। योजना के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी से जुड़े प्रखंड साधन सेवी प्रमोद कुमार से इस संबंध में जवाब मांगा गया है। विभाग यह जानना चाहता है कि विद्यालय में निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप भोजन तैयार क्यों नहीं किया जा रहा था और निगरानी के दौरान इस स्थिति पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया।
सेवा संकल्प और कायाकल्प अभियान के कार्य भी अधूरे
निरीक्षण में सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत आधारभूत सुविधाओं के विकास से संबंधित कार्य नहीं कराए जाने की बात भी सामने आई। विभाग की ओर से 13 अक्टूबर को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद विद्यालय में अपेक्षित प्रगति नहीं दिखने पर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। स्कूलों में साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण का विकास विद्यार्थियों के हित में जरूरी माना जाता है।
निगरानी व्यवस्था पर भी उठे सवाल
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सोनू कुमार से विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी और प्रखंड स्तर पर समीक्षा में कथित शिथिलता को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं एमडीएम प्रभारी से योजना की नियमित निगरानी नहीं किए जाने के संबंध में जवाब देने को कहा गया है। इस तरह कार्रवाई केवल विद्यालय के प्रधानाध्यापक तक सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि निगरानी से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करने की कोशिश की गई है।
तीनों अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर साक्ष्ययुक्त जवाब देना है। जारी पत्रों की प्रतिलिपि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन) और जिलाधिकारी, रोहतास को भी भेजी गई है। अब संबंधित अधिकारियों के जवाब और विभागीय समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

