चेक बाउंस मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत से हुई हल्की-फुल्की बातचीत में अभिनेता ने अपनी अगली फिल्म का खुलासा किया। 2010 से शुरू हुए विवाद और उससे जुड़े संघर्ष को पर्दे पर उतारने की तैयारी
अभिनेता राजपाल यादव की जिंदगी का एक लंबा और मुश्किल दौर अब फिल्म की कहानी बनने जा रहा है। चेक बाउंस मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए राजपाल यादव ने सुनवाई के दौरान अपनी अगली फिल्म के बारे में बताया।
फिल्म का नाम ‘16 सावन झेल के’ रखा गया है। राजपाल ने कहा कि फिल्म में उनके उस दौर की कहानी होगी, जो 2010 से शुरू हुए विवाद और उसके बाद की कानूनी लड़ाई से जुड़ा है।
कोर्ट में फिल्मी करियर से शुरू हुई बातचीत
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI सूर्यकांत) ने राजपाल यादव से पूछा कि वह इन दिनों कुछ नया बना रहे हैं या नहीं। इसके जवाब में अभिनेता ने अपने लंबे फिल्मी करियर और पिछले वर्षों में हुए आर्थिक नुकसान का जिक्र किया।

राजपाल ने बताया कि उन्होंने करीब 200-250 फिल्मों में काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 13 वर्षों में उन्हें करीब 200-250 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उसमें उनका करीब 17 करोड़ रुपये डूब गया।
अभिनेता ने अपनी स्थिति को हल्के अंदाज में बताते हुए कहा कि इन वर्षों में उन्हें काफी बदनामी झेलनी पड़ी और “मैं खुद ड्रामा बन चुका हूं।”
CJI ने कहा- अच्छी फिल्म बनाइए
राजपाल यादव की बात सुनने के बाद CJI सूर्यकांत ने उन्हें अच्छी फिल्म बनाने और लोगों का मनोरंजन करने की सलाह दी। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि अदालत में आने वाले कई वकील अच्छे अभिनेता हैं, इसलिए उन्हें भी फिल्म में भूमिका दी जा सकती है।
इसी बातचीत के दौरान राजपाल ने अपनी अगली फिल्म का नाम बताया। उन्होंने कहा कि 2010 से 2016 के बीच जो कुछ हुआ, उसी पर फिल्म बनाई जा रही है और इसका नाम ‘16 सावन झेल के’ रखा गया है।

यानी जिस दौर ने उनकी जिंदगी में कानूनी और आर्थिक परेशानियां खड़ी कीं, अब उसी अनुभव को राजपाल फिल्म के जरिए दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं।
क्या है वह मामला, जिसने राजपाल को अदालत तक पहुंचाया?
यह विवाद उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है। फिल्म बनाने के लिए लिए गए कर्ज की रकम को लेकर विवाद हुआ था। मामले में करीब 5 करोड़ रुपये की देनदारी का जिक्र सामने आया। रकम चुकाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस होने के बाद मामला अदालत पहुंचा और फिर यह कानूनी विवाद लंबे समय तक चलता रहा।
इसी मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए तीन महीने की सजा सुनाई थी। इसके बाद अभिनेता ने सुप्रीम कोर्ट में राहत की मांग की।
₹1.15 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट लेकर पहुंचे राजपाल
बुधवार की सुनवाई में राजपाल यादव खुद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। वह अपने साथ 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लेकर आए थे। उन्होंने अदालत को बताया कि बाकी 85 लाख रुपये अपनी पुश्तैनी संपत्ति के खरीदार के जरिए जमा करेंगे।

राजपाल की ओर से कहा गया कि बाकी रकम 13 अक्टूबर तक जमा कर दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कुल 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। इसी भुगतान के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
जिस संघर्ष ने परेशान किया, अब वही पर्दे पर आएगा
राजपाल यादव के लिए यह मामला सिर्फ अदालत में चलने वाला विवाद नहीं रहा। इसके साथ आर्थिक नुकसान, फिल्म से जुड़ी मुश्किलें और लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया भी जुड़ी रही। अब अभिनेता उसी दौर को एक फिल्म की कहानी के रूप में पेश करने जा रहे हैं।
‘16 सावन झेल के’ नाम ही इस बात की ओर इशारा करता है कि राजपाल यादव ने अपने जीवन के इस लंबे अध्याय को किस नजरिए से देखा है। जिस मामले ने उन्हें वर्षों तक अदालत की चौखट तक पहुंचाया, अब वही कहानी उनके लिए पर्दे पर लौटने का जरिया बनने जा रही है।
