राजगीर (नालंदा)। राजगीर में आयोजित भारत-न्यूजीलैंड अंडर-20 रग्बी मुकाबले ने बिहार के खेल इतिहास में एक खास अध्याय जोड़ दिया। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रग्बी मैदान पर हुए इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में दोनों देशों की युवा टीमों ने खेल के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान की भी झलक पेश की। मुकाबले को दोनों देशों के खेल संबंधों के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर से जोड़ा गया।
राजगीर में भारत-न्यूजीलैंड रग्बी मुकाबले को लेकर सुबह से ही खेल परिसर में उत्साह का माहौल रहा। मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ी तैयारियों में जुटे रहे, वहीं दर्शकों में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले को लेकर खास उत्सुकता दिखाई दी। आयोजन ने राजगीर को अंतरराष्ट्रीय खेल गतिविधियों के केंद्र के रूप में सामने रखने का अवसर दिया।
मुख्यमंत्री ने किया मुकाबले का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। उन्होंने मैदान पर मौजूद भारत और न्यूजीलैंड की टीमों के खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनका अभिवादन किया। इसके बाद मैदान में दोनों देशों के राष्ट्रगान की गूंज सुनाई दी। मुख्यमंत्री ने मुकाबले के औपचारिक शुभारंभ की घोषणा की। इस मौके पर रग्बी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस ने मुख्यमंत्री को टीम की जर्सी भेंट कर सम्मानित किया।
हाका ने खींचा दर्शकों का ध्यान
मुकाबला शुरू होने से पहले न्यूजीलैंड की टीम ने अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुति ‘हाका’ पेश की। खिलाड़ियों ने सामूहिक रूप से लयबद्ध कदमों और जोशीले हाव-भाव के साथ यह प्रस्तुति दी। मैदान पर खिलाड़ियों की एकजुटता और ऊर्जा ने दर्शकों को आकर्षित किया और कुछ देर के लिए पूरा रग्बी मैदान इस पारंपरिक प्रस्तुति से गूंज उठा।

हाका माओरी संस्कृति से जुड़ी पारंपरिक प्रस्तुति है, जिसे इस आयोजन में न्यूजीलैंड की टीम की सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखा गया। खिलाड़ियों की सामूहिक प्रस्तुति ने मुकाबले से पहले ही मैदान का माहौल रोमांचक बना दिया। दर्शकों के लिए यह सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अलग संस्कृति को करीब से देखने का अवसर भी रहा।
अंतरराष्ट्रीय आयोजन से राजगीर को मिली पहचान
राजगीर में आयोजित इस मुकाबले का महत्व केवल मैदान तक सीमित नहीं रहा। अंतरराष्ट्रीय टीमों की मौजूदगी और आयोजन की तैयारियों ने नालंदा के खेल ढांचे को भी चर्चा में ला दिया। रग्बी मुकाबले के जरिए राजगीर को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए एक संभावित स्थल के तौर पर देखने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रेयसी सिंह, इस्लामपुर विधायक रूहेल रंजन और विधायक संजय मयूख सहित अन्य लोग मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और खेल जगत से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने आयोजन के महत्व को और बढ़ाया।
भारत और न्यूजीलैंड की अंडर-20 टीमों की मौजूदगी ने राजगीर के खेल परिसर में अलग तरह की ऊर्जा पैदा की। खेल, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के इस मेल ने दर्शकों के लिए यादगार माहौल बनाया। राजगीर में हुआ यह रग्बी आयोजन बिहार के खेल इतिहास और अंतरराष्ट्रीय खेल संपर्क के लिहाज से एक उल्लेखनीय अवसर के रूप में सामने आया।

