पटना। शहर में मेट्रो निर्माण की रफ्तार के साथ यातायात व्यवस्था पर उसका असर भी दिखाई देने लगा है। राजेंद्रनगर फ्लाईओवर को अचानक यातायात के लिए बंद किए जाने से सोमवार को आसपास के इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। फ्लाईओवर के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अचानक मार्ग बंद होने से कंकड़बाग, राजेंद्रनगर और कदमकुआं की ओर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्हें फ्लाईओवर बंद किए जाने की पहले से पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई थी। यही वजह रही कि रोजमर्रा के काम से निकलने वाले कई लोग उसी रास्ते पर पहुंच गए। आगे मार्ग बंद मिलने के बाद वाहनों को वैकल्पिक रास्तों की ओर मोड़ना पड़ा, जिससे दोनों ओर यातायात का दबाव बढ़ गया। कुछ स्थानों पर वाहन चालकों और लोगों की पुलिसकर्मियों से बहस भी हुई। लोगों का कहना है कि यदि यातायात परिवर्तन की सूचना पहले जारी कर दी जाती, तो वे अपने लिए वैकल्पिक मार्ग तय कर सकते थे।
मेट्रो निर्माण के कारण बंद किया गया आरओबी
राजेंद्रनगर फ्लाईओवर पर यातायात रोकने का फैसला पटना अंडरग्राउंड मेट्रो के पीसी-03 निर्माण कार्य से जुड़ा है। निर्माण के दौरान मेट्रो की टनल रेलवे ओवरब्रिज यानी आरओबी को क्रॉस कर रही है। ऐसे में निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
निर्माण एजेंसी की ओर से लगाए गए सूचना बोर्ड के अनुसार, राजेंद्रनगर फ्लाईओवर 5 नवंबर 2026 तक बंद रहेगा। इस अवधि में इस मार्ग से नियमित रूप से सफर करने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना होगा। फिलहाल फ्लाईओवर के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है और यातायात पुलिस की मौजूदगी में वाहनों को आगे जाने से रोका जा रहा है।

धनुष सेतु बना वैकल्पिक रास्ता
फ्लाईओवर बंद होने के बाद धनुष सेतु को वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल करना होगा। हालांकि, इस रास्ते से सफर करने पर लोगों को पहले की तुलना में अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे यात्रा का समय भी बढ़ सकता है। खासकर रोजाना दफ्तर, कारोबार, स्कूल या अन्य जरूरी कामों के लिए इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों की दिनचर्या प्रभावित होने की संभावना है।
यातायात व्यवस्था में अचानक बदलाव का असर केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं है। आसपास के मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम का दबाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को यात्रा शुरू करने से पहले वैकल्पिक मार्ग की जानकारी रखने और अतिरिक्त समय लेकर निकलने की जरूरत होगी।
पहले सूचना देने की मांग, लोगों में नाराजगी
फ्लाईओवर बंद होने को लेकर स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी शिकायत पूर्व सूचना नहीं दिए जाने को लेकर है। लोगों का कहना है कि मेट्रो जैसी बड़ी परियोजना के निर्माण के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव जरूरी हो सकता है, लेकिन इसकी जानकारी समय रहते आम लोगों तक पहुंचाई जानी चाहिए। प्रमुख चौराहों और संपर्क मार्गों पर पहले से सूचना देने से वाहन चालक अपनी यात्रा की दिशा बदल सकते थे और अचानक जाम की स्थिति से बचा जा सकता था।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण एजेंसी और यातायात पुलिस भविष्य में इस तरह के बदलाव से पहले पर्याप्त प्रचार-प्रसार करें। इससे आम लोगों को वैकल्पिक मार्ग की जानकारी मिल सकेगी और यातायात प्रबंधन भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

5 नवंबर तक बदलना होगा यात्रा का रास्ता
फिलहाल 5 नवंबर तक राजेंद्रनगर फ्लाईओवर से वाहनों की आवाजाही बंद रहने की जानकारी दी गई है। इस दौरान धनुष सेतु समेत उपलब्ध वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। निर्माण कार्य के कारण लिया गया यह यातायात प्रतिबंध सुरक्षा की दृष्टि से लागू किया गया है, लेकिन अचानक मार्ग बंद होने से उत्पन्न जाम और लोगों की परेशानी ने यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि निर्माण अवधि के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए प्रशासन और संबंधित एजेंसी आगे क्या कदम उठाती है।
