भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने फ्रेंच ओपन 2026 के महिला एकल फाइनल में जगह बना ली है। पेरिस के एरिना ग्रैंड पेरिस में शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने जापान की हिना अकेची को तीन गेम के संघर्षपूर्ण मुकाबले में 21-10, 20-22, 21-16 से हराया। यह मुकाबला एक घंटे 13 मिनट तक चला। अब रविवार को खिताब के लिए उनका सामना दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर एक और मौजूदा विश्व चैंपियन एन से यंग से होगा।
पहले गेम में सिंधु का दबदबा, दूसरे में अकेची की वापसी
सिंधु ने पहले गेम में आक्रामक खेल दिखाते हुए 21-10 से जीत दर्ज की। दूसरे गेम में अकेची ने अपनी बेहतर कोर्ट कवरेज और रक्षात्मक खेल से मुकाबले को पलटने की कोशिश की। सिंधु ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन जापानी खिलाड़ी ने 22-20 से गेम जीतकर मुकाबला निर्णायक तीसरे गेम तक पहुंचा दिया।
तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। स्कोर 15-15 से बराबर होने के बाद सिंधु ने दबाव में संयम बनाए रखा और लगातार अहम अंक हासिल कर 21-16 से गेम अपने नाम किया। निर्णायक क्षणों में उनके आक्रामक शॉट और नेट के पास सटीक खेल ने अंतर पैदा किया।
इस साल दूसरी सुपर 750 फाइनल में पहुंचीं सिंधु
फ्रेंच ओपन का फाइनल सिंधु के लिए 2026 में बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 750 स्तर पर दूसरा खिताबी मुकाबला होगा। इससे पहले उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था। इस साल चोटों और प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव से जूझने के बाद सिंधु ने अपनी फिटनेस, तैयारी और रणनीति पर नए सिरे से काम किया है। फ्रेंच ओपन में उनका प्रदर्शन इस सुधार का संकेत देता है।

फाइनल में विश्व नंबर एक एन से यंग बड़ी चुनौती
सिंधु के सामने अब दक्षिण कोरिया की एन से यंग होंगी, जो मौजूदा विश्व चैंपियन और विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर हैं। एन से यंग ने सेमीफाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-12, 21-19 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। सिंधु और एन से यंग के बीच अब तक हुए मुकाबलों में कोरियाई खिलाड़ी का पलड़ा भारी रहा है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी के लिए फाइनल में अपनी रणनीति और अंक-दर-अंक धैर्य बनाए रखना अहम होगा।
सिंधु को अपने खेल पर भरोसा
फाइनल से पहले सिंधु ने कहा कि वह एन से यंग को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं और हर अंक महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी प्रतिद्वंद्वी शानदार फॉर्म में हैं, लेकिन फाइनल को एक नया मुकाबला मानकर अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान रहेगा। सिंधु की लंबाई, स्मैश, कोर्ट के विभिन्न हिस्सों में शॉट लगाने की क्षमता और अनुभव उन्हें चुनौती पेश करने का अवसर देते हैं।
भारतीय बैडमिंटन के लिए अहम मौका
फ्रेंच ओपन जैसे बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचना सिंधु के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हिना अकेची के खिलाफ तीन गेम तक चले मुकाबले में उन्होंने कठिन परिस्थितियों से वापसी की और निर्णायक गेम में अपनी पकड़ मजबूत की। अब खिताब जीतने के लिए उन्हें विश्व की शीर्ष खिलाड़ी के खिलाफ निरंतरता, सटीक शॉट चयन और ऊर्जा का सही प्रबंधन करना होगा। फाइनल का परिणाम चाहे जो हो, सिंधु का यह अभियान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने की उनकी क्षमता को दर्शाता है।
