सनातन धर्म में Pitru Paksha 2026 (Shradh Paksha) की अवधि को पूर्वजों का स्मरण करने, तर्पण व पिंडदान करने और उनका पावन आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध पक्ष के इन 16 दिनों में हमारे पितृ देव सूक्ष्म रूप में पृथ्वी लोक पर अपने वंशजों के घर पधारते हैं। जो जातक श्रद्धा और भक्ति भाव से अपने पूर्वजों का तर्पण और दान-पुण्य करते हैं, उन पर पितरों की विशेष कृपा बरसती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 27 सितंबर 2026 से प्रारंभ होकर 10 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस पितृ पक्ष में विशेष ग्रहीय स्थितियों और पूर्वजों के आशीर्वाद के कारण कुछ राशियों के लिए यह समय अत्यंत शुभ और फलदायी रहने वाला है।
इन जातकों के जीवन से लंबे समय से चली आ रही आर्थिक तंगी दूर होगी, अटका हुआ धन वापस मिलेगा और करियर तथा व्यापार में अभूतपूर्व प्रगति होगी।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद आचार्य मधुरेंद्र पाण्डेय (लखनऊ) के अनुसार, जानिए वे कौन सी 5 लकी राशियां हैं जिन पर इस पितृ पक्ष में पितृ देवों की विशेष कृपा होने वाली है:
1. वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि के जातकों पर पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों का विशेष आशीर्वाद रहेगा।
आर्थिक लाभ: लंबे समय से अटका हुआ या फंसा हुआ धन अचानक वापस मिलने के प्रबल योग हैं।
करियर व व्यापार: नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा और पदोन्नति (Promotion) की संभावना बन रही है। व्यापार करने वाले जातकों को किसी नई बड़ी डील या कांट्रैक्ट से बड़ा मुनाफा होगा।
पारिवारिक शांति: पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई विवाद यदि चल रहा था, तो वह पितरों की कृपा से सुलझ जाएगा।
2. मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय नई संभावनाओं और आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलने वाला है।
नौकरी में अवसर: जो लोग लंबे समय से नई नौकरी की तलाश कर रहे थे, उन्हें कोई बड़ा और आकर्षक ऑफर मिल सकता है। वर्तमान नौकरी में नई जिम्मेदारियां या प्रोजेक्ट मिल सकते हैं।
आय में वृद्धि: आमदनी के नए स्रोत बनेंगे, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।
मानसिक तनाव से मुक्ति: परिवार में चल रही मानसिक उलझनें दूर होंगी और सुख-शांति का माहौल रहेगा।
3. कर्क राशि (Cancer)
पूर्वजों के आशीर्वाद से कर्क राशि वालों के जीवन से सभी रुकावटें और बाधाएं दूर होने जा रही हैं।
धन व व्यापार लाभ: व्यापार में विस्तार के नए रास्ते खुलेंगे। किसी पुराने निवेश या फंसी हुई योजना से जबरदस्त धन लाभ हो सकता है।
करियर में तरक्की: नौकरी में वेतन वृद्धि (Salary Hike) और प्रमोशन के स्पष्ट संकेत हैं।
बिगड़े काम बनेंगे: लंबे समय से अटके हुए सरकारी या प्रशासनिक काम पितरों की अनुकंपा से तेजी से पूरे होंगे।
4. तुला राशि (Libra)
तुला राशि के जातकों के लिए यह श्राद्ध पक्ष भौतिक सुखों, धन संचय और सम्मान में वृद्धि लेकर आया है।
भौतिक सुख-सुविधाएं: संपत्ति, भूमि या नया वाहन खरीदने की आपकी पुरानी योजनाएं गति पकड़ेंगी।
व्यापारिक मुनाफा: बिजनेस में नए संपर्क स्थापित होंगे जो भविष्य में स्थायी लाभ देंगे। दैनिक आय में बढ़ोतरी होगी।
विदेश यात्रा का योग: नौकरीपेशा जातकों को कार्य सिलसिले में विदेश यात्रा या किसी बड़े शहर में ट्रांसफर का अच्छा अवसर मिल सकता है।
5. मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के जातकों के लिए पितरों का आशीर्वाद सोई हुई किस्मत को जगाने वाला साबित होगा।
अचानक बड़ा धन लाभ: शेयर बाजार, रियल एस्टेट या किसी पुराने कांट्रैक्ट से उम्मीद से बेहतर वित्तीय फायदा मिल सकता है।
मेहनत का फल: आपकी लगन और कार्यकुशलता की हर तरफ तारीफ होगी। उच्च पद प्राप्त होने के योग बन रहे हैं।
कर्ज से मुक्ति: पुरानी देनदारियों और कर्ज के बोझ से राहत पाने के नए मार्ग प्रशस्त होंगे।
पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए पितृ पक्ष में अवश्य करें ये 3 काम
यदि आपकी राशि इनमें से कोई भी हो या न हो, फिर भी पितरों का स्थाई आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
अमावस्या व श्राद्ध तिथि पर तर्पण: अपने पूर्वजों की पुण्यतिथि या सर्वपित्री अमावस्या के दिन जल में काले तिल, कुशा और कच्चा दूध मिलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तर्पण करें।
पंचबलि कर्म: भोजन बनाते समय प्रतिदिन उसका पहला हिस्सा गाय, कुत्ते, कौए, चींटी और पक्षियों के लिए अवश्य निकालें।
दक्षिण दिशा में दीपदान: प्रतिदिन संध्या समय घर की दक्षिण दिशा (पितरों की दिशा) में सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाएं।
निष्कर्ष
पितृ पक्ष का समय केवल शोक का नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों के प्रति अपार कृतज्ञता और श्रद्धा प्रकट करने का सुअवसर है। यदि हम शुद्ध मन और सात्विक भाव से अपने पितरों का स्मरण करते हैं, तो वे प्रसन्न होकर हमारे जीवन से सभी दरिद्रता और बाधाओं को नष्ट कर सुख, शांति और अखंड लक्ष्मी का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
विशेष परामर्श:
यह आलेख वैदिक पंचांग और ग्रहीय गोचर के शास्त्रीय सिद्धांतों पर आधारित है। अपनी व्यक्तिगत जन्मकुंडली का विश्लेषण, पितृ दोष निवारण या घर का वास्तु निरीक्षण कराने के लिए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद आचार्य मधुरेंद्र पाण्डेय (लखनऊ) से 6391919359 पर संपर्क कर सकते हैं।