Patna News: गाजियाबाद में न्यायिक अधिकारियों से नजदीकी होने का झांसा देकर करीब 1.34 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले की जांच अब पटना तक पहुंच गई है। गाजियाबाद साइबर थाना पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को बनारस से गिरफ्तार किया है।
पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान पटना की एक युवती की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस उसकी तलाश और पहचान सत्यापन में जुटी है।
पटना की खुशबू से जुड़े सुराग तलाश रही पुलिस
पुलिस जांच में खुशबू नाम की युवती का कनेक्शन सामने आने की बात कही जा रही है। बताया गया है कि उसने गिरोह के सदस्यों की मदद की थी। इस संबंध में गाजियाबाद पुलिस ने पटना पुलिस से संपर्क किया है।
स्थानीय पुलिस की मदद से युवती के संभावित पते और पहचान का सत्यापन कराया जा रहा है। साथ ही संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच और बैंक खातों से जुड़े लेनदेन की जानकारी भी खंगाली जा रही है।
फेसबुक से शुरू हुआ था ठगी का खेल
पुलिस के अनुसार, साइबर जालसाजों ने फेसबुक के माध्यम से पीड़ित से संपर्क किया था। आरोपितों ने खुद को पुजारी बताते हुए सरकारी कार्यालयों में अपनी अच्छी पहुंच होने का दावा किया।
इसके बाद पीड़ित को उसके बेटे को जेल भिजवाने का डर दिखाया गया। इसी दबाव और झांसे में लेकर जालसाजों ने अलग-अलग माध्यमों से पीड़ित से करीब 1.34 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर करा ली।
बनारस से एक आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान गाजियाबाद साइबर थाना पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को बनारस से गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
आरोपित के मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है, ताकि बातचीत, संपर्क और पैसों के लेनदेन से जुड़े सुराग मिल सकें।
बैंक खातों की जांच, फ्रीज रकम लौटाने की प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़े बैंक खातों की जानकारी जुटाई है। जिन खातों में रकम पहुंची थी, उनमें से फ्रीज की गई राशि को पीड़ित को वापस कराने की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। पटना से सामने आए युवती के कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।