Nalanda News। नालंदा कॉलेज में “साहित्य, समाज एवं तकनीकी नवाचार” विषय पर आयोजित द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का मंगलवार को समापन हुआ।
कॉलेज की प्राचार्या प्रो. सुनीता सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में साहित्य, समाज, शिक्षा, मानविकी, सामाजिक विज्ञान और तकनीकी नवाचार से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। दो दिनों में करीब 400 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। देश के विभिन्न राज्यों के साथ चार देशों के शोधार्थियों सहित 125 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से शोधपत्र प्रस्तुत किए।
मुख्य अतिथि प्रो. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होने के साथ उसे दिशा देने वाली रचनात्मक शक्ति भी है। तकनीकी दौर में साहित्य, सामाजिक सरोकार और नवाचार के बीच सार्थक संवाद जरूरी है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. मनोज कुमार ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने ज्ञान के आदान-प्रदान को वैश्विक स्वरूप दिया है। प्रो. अशोक कुमार ने मानविकी और तकनीक के बीच संतुलित संवाद को समय की जरूरत बताया।
प्राचार्या प्रो. सुनीता सिन्हा ने कहा कि नालंदा सदियों से ज्ञान और संवाद की भूमि रही है। ऐसे आयोजनों से शोध और विचारों को नई दिशा मिलती है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ध्रुव कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. आर.पी. कच्छवे ने किया। सेमिनार में बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।