Nalanda News: नालंदा जिले के करायपरसुराय प्रखंड में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहकारिता प्रसार पदाधिकारी (BCO) संतोष कुमार को 28 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि प्रबंधक का कार्यभार सौंपने की एवज में अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।
मामला शान पंचायत से जुड़ा बताया जा रहा है। सांध गांव निवासी अभिषेक कुमार को नियमानुसार प्रबंधक का कार्यभार सौंपा जाना था। आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से उन्हें कार्यभार देने के नाम पर लगातार टालमटोल किया जा रहा था। इसी प्रक्रिया को पूरा करने के बदले 28 हजार रुपये की मांग किए जाने की शिकायत निगरानी विभाग से की गई।
शिकायत के बाद निगरानी ने कराया सत्यापन
रिश्वत देने के बजाय अभिषेक कुमार ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद निगरानी टीम ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की योजना तैयार की गई।
केमिकल लगे रुपये देते ही दबोचा
सत्यापन के बाद डीएसपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में निगरानी की टीम ने धावा दल का गठन किया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत परिवादी ने बीसीओ संतोष कुमार को केमिकल लगे 28 हजार रुपये दिए। जैसे ही रिश्वत की रकम ली गई, आसपास सादे लिबास में तैनात निगरानी टीम ने अधिकारी को मौके पर ही पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान कथित रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी अधिकारी को पटना ले गई, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे निगरानी की विशेष अदालत में पेश किए जाने की बात कही गई है।
निगरानी की इस कार्रवाई के बाद करायपरसुराय प्रखंड मुख्यालय में हड़कंप मच गया। कार्रवाई को लेकर प्रखंड कार्यालय और सहकारिता विभाग से जुड़े कर्मचारियों के बीच दिनभर चर्चा होती रही।