मुजफ्फरपुर: बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्कर पुलिस और उत्पाद विभाग को चकमा देने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। मुजफ्फरपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां तस्करों ने शराब छिपाने के लिए मिनी ट्रक के अंदर गुप्त तहखाना बना रखा था। उत्पाद विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए इस तहखाने से 124 कार्टन विदेशी शराब बरामद की है।
यह कार्रवाई सरैया थाना क्षेत्र के बखरा चौक स्थित एनएच-722 पर की गई। जांच के दौरान टीम को मिनी ट्रक के अंदर बनाए गए विशेष गुप्त हिस्से का पता चला। जब उसे खोला गया तो उसके अंदर बड़ी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई थी। शराब छिपाने के इस तरीके की तुलना फिल्म ‘पुष्पा’ में दिखाए गए तस्करी के अंदाज से की जा रही है।
सामान्य जांच में आसानी से नहीं दिखती शराब
तस्करों ने मिनी ट्रक के अंदर ऐसा गुप्त तहखाना तैयार किया था, जिसमें शराब के कार्टन छिपाए गए थे। बाहर से देखने पर वाहन सामान्य नजर आता था। यही वजह थी कि सामान्य तलाशी के दौरान शराब का पता लगाना आसान नहीं था।
उत्पाद विभाग की टीम ने जब वाहन की बारीकी से जांच की तो गुप्त तहखाने का पता चला। इसके बाद अंदर से 124 कार्टन विदेशी शराब बरामद की गई। बरामद शराब की कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
लावारिस हालत में मिला मिनी ट्रक
कार्रवाई के दौरान मिनी ट्रक मौके पर लावारिस हालत में खड़ा मिला। वाहन से शराब बरामद होने के बावजूद मौके पर कोई तस्कर नहीं मिला। इसके बाद उत्पाद विभाग ने वाहन को जब्त कर लिया और अब इसके मालिक तथा शराब की खेप से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुट गया है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसे मुजफ्फरपुर या आसपास के किस इलाके में पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा है।
तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
मिनी ट्रक में गुप्त तहखाना बनाकर शराब छिपाने का मामला सामने आने के बाद उत्पाद विभाग की जांच और तेज हो गई है। अधिकारियों की कोशिश है कि सिर्फ शराब की खेप जब्त करने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि इसके पीछे काम करने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाए।
फिलहाल वाहन को जब्त कर आगे की जांच की जा रही है। तस्करी में शामिल लोगों की पहचान और शराब की खेप के स्रोत का पता चलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरपुर में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर दिखाया है कि शराब तस्कर कानून से बचने के लिए किस तरह वाहनों में छिपे हुए गुप्त रास्तों और तहखानों का इस्तेमाल कर रहे हैं।