मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर के गोबरसही इलाके में सोमवार को नाला निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान भूमिगत PNG गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फटने के बाद गैस का तेज रिसाव शुरू हुआ और कुछ ही देर में आग भड़क उठी। अचानक हुए इस हादसे से आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र को खाली कराया और लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की हिदायत दी।
प्रारंभिक रिपोर्टों में हादसे में एक व्यक्ति की मौत और चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, घटना के बाद सामने आई कुछ बाद की रिपोर्टों में मृतकों और घायलों की संख्या अधिक बताए जाने का उल्लेख है। ऐसे में अंतिम आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार जरूरी है। राहत और बचाव एजेंसियां घटनास्थल पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रहीं।
नाला निर्माण के लिए चल रही थी खुदाई, तभी फटी पाइपलाइन
जानकारी के अनुसार, गोबरसही में सड़क किनारे नाला निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान मशीन से जमीन की खुदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान जमीन के नीचे से गुजर रही गैस पाइपलाइन मशीन की चपेट में आ गई। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होते ही उसमें से PNG गैस तेजी से बाहर निकलने लगी। गैस फैलने के साथ ही आग की लपटें उठने लगीं, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्ष परिस्थितियों के मुताबिक, घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। धमाके और गैस रिसाव के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर हटने लगे। आसपास के रिहायशी और व्यावसायिक हिस्से को देखते हुए प्रशासन ने किसी बड़ी अनहोनी की आशंका को गंभीरता से लिया और लोगों को प्रभावित क्षेत्र से बाहर करने की कार्रवाई शुरू की।

पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें सक्रिय हुईं। घटनास्थल पर पहुंचकर सबसे पहले सुरक्षा घेरा बनाने और लोगों को पाइपलाइन से दूर रखने की कोशिश की गई। गैस रिसाव के कारण दोबारा आग भड़कने या स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। संबंधित तकनीकी टीमों की मदद से गैस के प्रवाह को नियंत्रित करने की कोशिश भी की गई।
घटना के बाद आसपास के रास्तों पर लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके की ओर पहुंचने लगे, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें घटनास्थल के पास जाने से रोका गया। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित रखना और गैस रिसाव से पैदा हुए खतरे को कम करना रही।
धमाके का असर आसपास के मकानों और दुकानों पर भी पड़ा
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, पाइपलाइन फटने के बाद हुए तेज धमाके का असर आसपास के मकानों और दुकानों पर भी पड़ा। खिड़कियों के शीशे टूटने और निर्माण ढांचे को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, संपत्ति को हुए कुल नुकसान का विस्तृत आकलन अभी स्पष्ट नहीं है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
हादसे में घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, मृतक और घायलों की पहचान तथा उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है। ऐसे मामलों में राहत अभियान के साथ-साथ यह भी जरूरी होता है कि प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाए।

पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की वजह की जांच जरूरी
इस हादसे ने निर्माण कार्यों के दौरान जमीन के नीचे मौजूद गैस पाइपलाइन और दूसरी उपयोगी सेवाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। नाला निर्माण जैसे काम में खुदाई शुरू करने से पहले भूमिगत पाइपलाइन की स्थिति और उसकी सही लोकेशन की जानकारी होना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अब जांच का एक अहम पहलू यह होगा कि खुदाई के दौरान पाइपलाइन की मौजूदगी को लेकर क्या सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई गई थी।
यह भी जांच का विषय रहेगा कि पाइपलाइन किस स्तर पर क्षतिग्रस्त हुई और निर्माण एजेंसी तथा संबंधित विभागों के बीच सुरक्षा समन्वय किस तरह किया गया था। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या एजेंसी की लापरवाही को अंतिम रूप से जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही हादसे की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
गोबरसही में हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता
गोबरसही की घटना के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में चिंता का माहौल देखा गया। गैस पाइपलाइन जैसे संवेदनशील नेटवर्क के आसपास निर्माण या खुदाई के दौरान छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यही वजह है कि प्रभावित क्षेत्र को खाली कराने का निर्णय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पाइपलाइन से गैस रिसाव को पूरी तरह नियंत्रित करने, प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित घोषित करने और हादसे के कारणों की जांच आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। मुजफ्फरपुर के गोबरसही में हुआ यह हादसा निर्माण कार्य के दौरान भूमिगत गैस पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी के तौर पर सामने आया है।

