मुंगेर में बाढ़ से विस्थापित परिवारों की मुश्किलों को करीब से समझने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को जिले के दौरे पर पहुंचेंगे। दोनों नेता अलग-अलग राहत शिविरों में जाकर बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे और राहत एवं बचाव व्यवस्था की जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे।
सीताकुंड राहत शिविर जाएंगे मुख्यमंत्री
Munger Flood: निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दोपहर करीब दो बजे सदर प्रखंड के शीतलपुर खेल मैदान में बनाए गए हेलीपैड पर उतरेंगे। यहां से वह सड़क मार्ग से प्लस टू उच्च विद्यालय, सीताकुंड पहुंचेंगे, जहां बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर संचालित है।
मुख्यमंत्री शिविर में रह रहे विस्थापित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। इस दौरान भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य राहत व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी लेने की बात सामने आई है।
बाढ़ प्रभावित मुंगेर में राहत शिविरों में बड़ी संख्या में लोग शरण लिए हुए हैं। हाल के दिनों में प्रशासन की ओर से राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
शिवराज सिंह चौहान नौवागढ़ी में मिलेंगे बाढ़ पीड़ितों से
वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सड़क मार्ग से प्लस टू नौवागढ़ी हाईस्कूल स्थित राहत शिविर पहुंचेंगे। यहां वह बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी परेशानियां जानेंगे और राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी लेंगे।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री सड़क मार्ग से भागलपुर होते हुए नवगछिया के कोसीकरैया बांध की ओर जाएंगे।
शिवराज सिंह चौहान के दौरे का एक व्यापक संदर्भ भी है। केंद्र सरकार ने बिहार के बाढ़ प्रभावित 15 जिलों में स्थिति और नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भेजने का फैसला किया है, जिसकी अगुवाई शिवराज सिंह चौहान करेंगे।
मुख्यमंत्री दौरे के बाद लौटेंगे पटना
सीताकुंड राहत शिविर का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हेलीकॉप्टर से पटना लौट जाएंगे। वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री का कार्यक्रम भागलपुर होते हुए नवगछिया तक जाने का है।
मुख्यमंत्री इससे पहले भी बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चुके हैं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर राहत सुविधाओं की जानकारी लेने और अधिकारियों को जरूरी निर्देश देने का सिलसिला जारी रखा है।
प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कसी कमर
दोनों बड़े नेताओं के दौरे को देखते हुए मुंगेर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। मंगलवार शाम प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, डीआईजी राकेश कुमार, डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर और एसपी सैयद इमरान मसूद सहित कई अधिकारियों ने शीतलपुर हेलीपैड और सीताकुंड राहत शिविर का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने पार्किंग, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। हेलीपैड से राहत शिविर तक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।
बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं पर रहेगी नजर
मुंगेर में बाढ़ की स्थिति के बीच राहत शिविरों में रह रहे परिवारों के सामने भोजन, बच्चों के लिए दूध, स्वास्थ्य सुविधा और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी समस्याएं भी सामने आई हैं। हाल की रिपोर्टों में राहत शिविरों में छोटे बच्चों के लिए दूध की कमी की शिकायतें भी सामने आई थीं।
ऐसे में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का शिविरों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद करना प्रशासन के लिए भी राहत व्यवस्था की जमीनी स्थिति समझने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।