Bhagalpur Flood: गंगा और कोसी के जलस्तर में लगातार गिरावट से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को कुछ राहत मिली है। कई गांवों और मुख्य सड़कों से पानी उतरने लगा है, लेकिन बाढ़ की मुश्किलें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
दियारा और निचले इलाकों में अब भी घरों, खेतों और रास्तों पर पानी जमा है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों की परेशानी बनी हुई है।
पानी घटने से मुख्य सड़कों पर आवागमन हुआ आसान
नाथनगर के ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य सड़कों से गंगा का पानी हटने लगा है। इससे लोगों की आवाजाही पहले की तुलना में आसान हुई है। हालांकि, दियारा क्षेत्र के कई घरों में अभी भी पानी जमा है।
पानी निकलने के बाद भी घरों को रहने लायक होने में समय लग सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दियारा क्षेत्र में सामान्य स्थिति लौटने में करीब 15 से 20 दिन लग सकते हैं।
नवगछिया में हर दिन घट रहा गंगा-कोसी का जलस्तर
नवगछिया क्षेत्र में भी बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। गंगा और कोसी के जलस्तर में प्रतिदिन करीब 3 से 5 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की जा रही है। इसके बावजूद इस्माईलपुर, गोपालपुर और रंगरा क्षेत्र के कई प्रभावित लोग अभी भी सड़क और बांध पर रहने को मजबूर हैं।
जलस्तर कम हुआ, लेकिन घरों और रास्तों में पानी बरकरार
अजगैवीनाथ धाम क्षेत्र में गंगा के पानी में कमी से बाढ़ प्रभावित परिवारों ने राहत महसूस की है। हालांकि, कई पंचायतों में अब भी घरों और आसपास के इलाकों में पानी जमा है।
गनगनियां, तिलकपुर और महेशी समेत अन्य प्रभावित पंचायतों में जलजमाव के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। कई घरों तक जाने वाले रास्ते अभी पानी में डूबे हैं। ऐसे में लोगों को आवागमन के साथ-साथ भोजन, पेयजल और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर कम होने से राहत जरूर मिली है, लेकिन जब तक जमा पानी पूरी तरह नहीं निकलता, तब तक बाढ़ की परेशानी खत्म नहीं होगी।
कहलगांव में जलनिकासी नहीं होने से किसानों की फसल प्रभावित
कहलगांव क्षेत्र में तोफिल और अनठावन गांव में अब भी बाढ़ का पानी मौजूद है, जबकि अन्य कई गांवों से पानी निकल चुका है। कुछ स्थानों पर जलजमाव की समस्या बनी हुई है।
जलनिकासी का उचित रास्ता नहीं होने के कारण कई जगह पानी लंबे समय से जमा है। इससे किसानों के खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। पानी घटने के बावजूद खेतों में जलजमाव रहने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
दियारा इलाकों में अभी सामान्य स्थिति का इंतजार
गंगा और कोसी का जलस्तर नीचे जाने से बाढ़ का दबाव कम हुआ है, लेकिन दियारा और निचले क्षेत्रों में हालात सामान्य होने में अभी वक्त लग सकता है। पानी उतरने के बाद भी जलजमाव, क्षतिग्रस्त रास्ते और फसलों को हुए नुकसान से प्रभावित परिवारों के सामने कई चुनौतियां बनी हुई हैं।