संदेश थाना परिसर में गोली लगने से हुई 25 वर्षीय होमगार्ड जवान मोनल राय की मौत, गुलजारपुर गांव में पसरा मातम; घटना से करीब एक घंटे पहले मां से हुई थी मोबाइल पर बातचीत
आरा/सहार। संदेश थाना परिसर में रविवार रात गोली लगने से हुई होमगार्ड जवान मोनल राय की मौत के बाद सोमवार को जब उसका शव गुलजारपुर गांव पहुंचा तो पूरे गांव में मातम छा गया। जवान का शव घर पहुंचते ही परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। अपने जवान बेटे का शव देखकर पिता प्रेम शंकर राय, मां अनीता देवी, बड़े भाई सोनल राय और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मोनल राय का शव गांव पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उसके घर पर जुट गए। देखते ही देखते घर के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा। परिजनों के साथ-साथ ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध नजर आए।
संदेश थाना परिसर में गोली लगने से हुई मौत
बताया जाता है कि रविवार की रात संदेश थाना परिसर में एक होमगार्ड जवान को गोली लग गई, जिसमें गुलजारपुर गांव निवासी 25 वर्षीय होमगार्ड जवान मोनल राय की मौत हो गई। घटना के बाद से ही उसके परिवार और गांव में शोक की स्थिति बनी हुई है।

परिजनों के मुताबिक, मोनल की मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। मां अनीता देवी और भाई सोनल राय का रो-रोकर बुरा हाल है। जवान के घर पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
घटना को लेकर बताया जा रहा है कि एक होमगार्ड जवान ने दूसरे होमगार्ड जवान मोनल राय को पेट में गोली मार दी थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।
दो भाई और एक बहन में सबसे छोटा था मोनल
मोनल राय अपने परिवार में दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। बड़े भाई सोनल राय घर पर रहकर खेती-बाड़ी करते हैं, जबकि बहन सोनी कुमारी की शादी हो चुकी है। परिवार के सबसे छोटे बेटे के रूप में मोनल से घरवालों को काफी उम्मीदें थीं।
परिवार के लिए सबसे दुखद बात यह है कि जिस बेटे को उन्होंने सरकारी सेवा में जाते हुए देखा था, उसकी अचानक मौत की खबर से पूरा परिवार सदमे में है। गांव के लोगों के मुताबिक, मोनल की मौत से परिवार के साथ पूरे गांव में भी गहरा दुख है।

2025 में हुई थी होमगार्ड में बहाली
परिजनों के अनुसार, मोनल राय की वर्ष 2025 में होमगार्ड के रूप में बहाली हुई थी। नौकरी मिलने के बाद उसकी पहली पोस्टिंग खवासपुर थाना में हुई थी। इसके बाद उसे आरा जेल में ड्यूटी मिली। वर्तमान में उसकी पोस्टिंग संदेश थाना में थी।
कम समय में अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी करने वाले मोनल ने परिवार और गांव के लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई थी। उसकी मौत के बाद परिजन बार-बार उसकी नौकरी और ड्यूटी से जुड़े दिनों को याद कर रहे हैं।
मौत से करीब एक घंटे पहले मां से हुई थी बात
मोनल राय की मौत से पहले उसकी अपनी मां अनीता देवी से मोबाइल फोन पर बातचीत हुई थी। परिजनों के अनुसार, यह बातचीत घटना से करीब एक घंटे पहले हुई थी। उस समय बातचीत में ऐसा कुछ भी नहीं लगा था कि आगे कोई अनहोनी होने वाली है।
मां और भाई ने बताया कि बातचीत के दौरान सब कुछ सामान्य था। मां ने बेटे से खाना खाने के बारे में पूछा था। मोनल ने भी सामान्य तरीके से खाना खाने और इसके बाद ड्यूटी पर जाने की बात कही थी।

इसके कुछ ही समय बाद मोनल की गोली लगने से मौत की खबर परिवार तक पहुंची। जिस बेटे से थोड़ी देर पहले मां की सामान्य बातचीत हुई थी, उसका शव जब घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
गांव में शोक का माहौल
मोनल राय की मौत की खबर से गुलजारपुर गांव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचे और परिवार के प्रति संवेदना जताई। घर में परिजनों की चीख-पुकार के बीच हर किसी की आंखें नम नजर आईं।
मोनल की मौत से जुड़ी घटना ने होमगार्ड जवानों की ड्यूटी और थाना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को भी सामने ला दिया है। हालांकि, घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।
फिलहाल, एक युवा होमगार्ड जवान की असमय मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। 25 साल की उम्र में मोनल राय की मौत से परिवार ने अपना सबसे छोटा बेटा खो दिया, वहीं गांव ने भी एक युवा जवान को खो दिया है।

