मदरसों के युवाओं को कथित तौर पर भड़काने और आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव का आरोप; ATS को मोबाइल और सोशल मीडिया से मिले अहम सुराग, पाकिस्तान कनेक्शन की भी जांच
मेरठ। उत्तर प्रदेश में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए UP ATS ने मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, बिहार के पूर्णिया निवासी जफर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित तौर पर जुड़े होने और युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने के आरोप हैं। आरोपी को मेरठ से पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां उसके मदरसों, सोशल मीडिया गतिविधियों और पाकिस्तान से कथित संपर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। ATS अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जफर की भूमिका सिर्फ संपर्क और प्रचार तक सीमित थी या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।
मदरसों के युवाओं को प्रभावित करने का आरोप
ATS की जांच में जफर पर आरोप है कि वह मदरसों से जुड़े युवाओं को कथित तौर पर भड़काने और जेहादी विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश करता था। इसी पहलू को लेकर सुरक्षा एजेंसियां उसके संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं।
जांचकर्ताओं का फोकस यह पता लगाने पर भी है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और उसके जरिए किसी दूसरे व्यक्ति को आतंकी नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश तो नहीं की जा रही थी।
जैश-ए-मोहम्मद से कथित कनेक्शन
रिपोर्टों के अनुसार, जफर पर जैश-ए-मोहम्मद से संबंध होने का आरोप है। ATS अब उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल संपर्कों की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी की आतंकी संगठन से किस स्तर की नजदीकी थी और क्या उसे किसी खास गतिविधि के लिए जिम्मेदारी दी गई थी।
पाकिस्तान कनेक्शन और फंडिंग की भी जांच
मामले में पाकिस्तान कनेक्शन भी जांच का अहम हिस्सा है। रिपोर्टों के मुताबिक, जफर के मोबाइल में पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध व्हाट्सऐप ग्रुप मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा, पाकिस्तान को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम भेजे जाने की भी जांच की जा रही है।
ATS यह पता लगाने में जुटी है कि अगर रकम का लेनदेन हुआ था तो उसका स्रोत क्या था और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया गया।
मदरसों के नाम पर चंदा जुटाने की बात भी सामने आई
जांच से जुड़े अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, जफर पर मदरसों के नाम पर चंदा इकट्ठा करने और उसे पाकिस्तान भेजने का आरोप भी है।
अधिकारियों को संदेह है कि इस रकम का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों से जुड़े कामों में किया जा सकता था। हालांकि, इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की पुष्टि के लिए जांच अभी जारी है।
सोशल मीडिया से भी जुटाए जा रहे सबूत
ATS ने जफर के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स को जांच के दायरे में लिया है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने किस तरह की सामग्री साझा की और किन लोगों के साथ लगातार संपर्क में था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, सोशल मीडिया गतिविधियों से आरोपी के कथित नेटवर्क और उसकी विचारधारा से जुड़े संपर्कों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
कौन है मोहम्मद जफर?
रिपोर्टों के मुताबिक, मोहम्मद जफर बिहार के पूर्णिया का रहने वाला है। उसे उत्तर प्रदेश ATS ने मेरठ से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है ताकि उसके संपर्कों और कथित नेटवर्क के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल की जा सके।
ATS खंगाल रही है पूरा नेटवर्क
जफर की गिरफ्तारी के बाद अब जांच सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे, क्या किसी दूसरे राज्य में भी उसका नेटवर्क सक्रिय था और क्या विदेश से उसे कोई मदद मिल रही थी।
ATS की आगे की जांच में डिजिटल डिवाइस, वित्तीय लेनदेन और संपर्कों से जुड़े सबूत महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल एजेंसी मामले की सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।