दिवाली से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट, घटिया गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने के लिए महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में विशेष अभियान तेज किया है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के बारे में मीडिया रिपोर्टों में 16.92 करोड़ रुपये के माल की जब्ती, 68 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए जाने, सात प्रतिष्ठानों को बंद करने के आदेश और 22 प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी दी गई है। प्रतिबंधित उत्पादों से जुड़े मामलों में 20 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की भी खबर है।
त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा पर सख्ती
नवरात्रि से दिवाली तक मिठाई, मावा, खाद्य तेल, सूखे मेवे और तैयार खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ती है। इस दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण, लेबलिंग और साफ-सफाई की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। FDA का अभियान महाराष्ट्र के विभिन्न प्रशासनिक संभागों में चलाया गया, ताकि मिलावटी, असुरक्षित, गलत लेबल वाले या बिक्री के लिए अनुपयुक्त उत्पादों को बाजार में पहुंचने से रोका जा सके।
68 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित
रिपोर्टों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई में कमी, खराब रसोई और नालियों की स्थिति, कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी, शाकाहारी तथा मांसाहारी खाद्य पदार्थों को साथ रखने और बिना अनुमति वाले रंगों के इस्तेमाल जैसी अनियमितताएं सामने आईं। कुछ स्थानों पर खाद्य पदार्थ संभालने वाले कर्मचारियों के आवश्यक चिकित्सा प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं थे। इन कमियों के मद्देनजर 68 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या पंजीकरण निलंबित किए गए और सात प्रतिष्ठानों को बंद करने के निर्देश दिए गए। चार प्रतिष्ठानों से कुल 1.30 लाख रुपये का जुर्माना वसूलने की भी जानकारी सामने आई है।
एक्सपायरी और खराब खाद्य सामग्री भी पकड़ी गई
ठाणे और पुणे जिलों में जांच के दौरान 8,392 किलोग्राम एक्सपायरी, खराब या पहले ही बिक्री के लिए अस्वीकार की गई खाद्य सामग्री जब्त की गई। इसकी अनुमानित कीमत 48.09 लाख रुपये बताई गई है। जांच में आशंका जताई गई कि नष्ट किए जाने के लिए भेजी गई सामग्री को दोबारा बाजार में पहुंचाया जा रहा था। अधिकारियों ने सामग्री के निपटान और नष्ट किए जाने से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की। ऐसी घटनाएं उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ खाद्य आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी पर भी गंभीर सवाल उठाती हैं।

कोल्ड स्टोरेज और प्रतिबंधित उत्पादों पर कार्रवाई
छत्रपति संभाजीनगर संभाग में दो कोल्ड स्टोरेज से एक ही दिन में करीब 1,97,480 किलोग्राम खाद्य स्टॉक जब्त किए जाने की खबर है। इसमें मिर्च पाउडर, किशमिश, गुड़ और पाश्चुरीकृत मक्खन जैसे उत्पाद शामिल बताए गए हैं। इस स्टॉक का अनुमानित मूल्य 4.19 करोड़ रुपये था और दोनों कोल्ड स्टोरेज के लाइसेंस निलंबित किए गए।
FDA ने प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और सुगंधित तंबाकू के खिलाफ भी कार्रवाई की। रिपोर्टों में वाहनों सहित करीब 3.15 करोड़ रुपये के प्रतिबंधित माल की जब्ती, 22 FIR और 20 गिरफ्तारियों का उल्लेख है। अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई का विवरण और कुल जब्ती का मूल्य समाचार रिपोर्टों में अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत हुआ है; इसलिए सभी उप-आंकड़ों को जोड़कर कुल रकम निकालना उचित नहीं होगा।
मिठाई और मावा खरीदते समय उपभोक्ता क्या ध्यान रखें?
- मिठाई, मावा, तेल और पैक्ड खाद्य पदार्थ भरोसेमंद विक्रेता से खरीदें।
- पैक्ड सामान पर निर्माण और समाप्ति तिथि, बैच नंबर तथा लेबल की जानकारी जांचें।
- असामान्य गंध, रंग, बनावट या खराब भंडारण वाले उत्पाद खरीदने से बचें।
- खुले खाद्य पदार्थों को धूल, कीटों और गंदे वातावरण से सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
- संदिग्ध या मिलावटी खाद्य सामग्री मिलने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें और संभव हो तो बिल या पैकेट का विवरण सुरक्षित रखें।
FDA की निगरानी दिवाली तक जारी
त्योहारी मांग को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिठाइयों, मावा, खाद्य तेल, सूखे मेवे और तैयार खाद्य पदार्थों की जांच जारी रखने का संकेत दिया है। कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा नियमों, स्वच्छता, सही लेबलिंग और सुरक्षित भंडारण का पालन करने की अपेक्षा की जाती है। उल्लंघन की गंभीरता के अनुसार लाइसेंस निलंबन, प्रतिष्ठान बंद कराने, जुर्माने और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र FDA का त्योहारी अभियान खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण के लिहाज से अहम है। जब्ती और लाइसेंस निलंबन की रिपोर्टें बताती हैं कि निरीक्षण के दौरान गंभीर कमियां सामने आई हैं। उपभोक्ताओं को खरीदारी में सावधानी बरतनी चाहिए, जबकि खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षित, सही तरीके से संग्रहित और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री ही बेचें। जब्ती के कुल मूल्य में अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर दिखता है, इसलिए अंतिम आधिकारिक आंकड़ों के लिए FDA की पुष्टि को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

