पीजी की पढ़ाई शुरू कराने और कॉलेजों की फीस समान करने समेत कई मांगों को लेकर एबीवीपी का जोरदार प्रदर्शन
मगध विश्वविद्यालय में शनिवार को आयोजित सीनेट की बैठक के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न शैक्षणिक एवं छात्रहित के मुद्दों को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों के हंगामे के कारण बैठक की कार्यवाही करीब एक घंटे से अधिक समय तक बाधित रही।
मुख्य द्वार से लेकर राधाकृष्ण सभागार तक छात्रों ने नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया।

प्रदर्शन के दौरान छात्र “मगध विश्वविद्यालय कुलपति मुर्दाबाद”, “मगध विश्वविद्यालय की जमीन बेचना बंद करो” समेत कई नारे लगाते रहे। छात्रों ने नवादा जिले में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने, टीएस कॉलेज के कर्मचारियों के लंबित भुगतान का समाधान करने तथा आरएमडब्ल्यू कॉलेज, नवादा में करीब तीन वर्षों से बंद विज्ञान की पढ़ाई को पुनः शुरू कराने की मांग उठाई।
छात्रों ने सभी कॉलेजों में शुल्क एक सम्मान करने की भी मांग की। एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से पहल करनी चाहिए।

सूत्रों के अनुसार, सीनेट की बैठक में करीब 35 सदस्य पहुंच चुके थे और कोरम पूरा होने की स्थिति बन रही थी। इसी दौरान एबीवीपी के छात्र-छात्राएं राधाकृष्ण सभागार में पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक हुए हंगामे से बैठक स्थल पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सीनेट के सदस्य आनन-फानन में दूसरे कमरे में चले गए। प्रदर्शन के दौरान मगध विश्वविद्यालय थाना की पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन आक्रोशित छात्रों को रोकने में पुलिस पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। छात्रों के विरोध के चलते सीनेट की बैठक की कार्यवाही काफी देर तक प्रभावित रही।
एबीवीपी के इस प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष छात्रहित से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।