लद्दाख/Kargil Viral Video: लद्दाख के मिनिमार्ग चेकपोस्ट से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला पर्यटक सुरक्षा कर्मियों से बहस करती दिखाई दे रही है। महिला रास्ता रोके जाने से नाराज नजर आती है और खुद को Gen Z बताते हुए कहती है कि वह इस तरह की स्थिति को स्वीकार नहीं करेगी। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर महिला के व्यवहार को लेकर बहस छिड़ गई है।
कई घंटे इंतजार के बाद बढ़ा विवाद
रिपोर्टों के मुताबिक, यह मामला लद्दाख के मिनिमार्ग चेकपोस्ट और जोजिला-गुमरी मार्ग से जुड़ा है। पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि घटना 25 जुलाई की है। उस दौरान रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख के सड़क मार्ग से गुजरने के कार्यक्रम के चलते सामान्य यातायात को कुछ समय के लिए रोका गया था। खराब मौसम के कारण यात्रा व्यवस्था में बदलाव हुआ था और सुरक्षा कारणों से रास्ते पर आवाजाही नियंत्रित की गई थी।
इस दौरान कई पर्यटक चेकपोस्ट पर इंतजार करते रहे। करीब पांच घंटे की देरी के बाद एक महिला पर्यटक ने सुरक्षा कर्मियों के सामने नाराजगी जताई। वीडियो में वह बैरिकेडिंग के पास खड़े होकर विरोध करती और दूसरे यात्रियों से भी उसके साथ खड़े होने की अपील करती दिखाई देती है।
‘हम Gen Z हैं’ वाला बयान बना चर्चा का केंद्र
वायरल वीडियो में महिला खुद को Gen Z बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती सुनाई देती है। उसने टैक्स और सेना के वेतन का भी जिक्र किया। इसी बयान को लेकर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया देखने को मिली।
कई यूजर्स का कहना है कि नागरिकों को अपनी परेशानी जाहिर करने का अधिकार है, लेकिन लद्दाख जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल और जवानों के निर्देशों को समझना भी जरूरी है। वहीं कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि लंबे समय तक इंतजार करने से पर्यटकों में नाराजगी पैदा होना स्वाभाविक है।
पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी जताई आपत्ति
वीडियो सामने आने के बाद पूर्व सैन्य अधिकारियों ने महिला के रवैये पर सवाल उठाए। पूर्व सेना प्रमुख और राज्यपाल जनरल वीके सिंह ने कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात सैनिकों को अनुचित तरीके से दोष देना या उनका अपमान करना सही नहीं है। पूर्व सैन्य अधिकारी केजेएस ढिल्लों ने भी सैनिकों के योगदान और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के महत्व पर जोर दिया।
पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने भी टैक्स से जुड़े महिला के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सेना के जवान भी टैक्स देते हैं और लद्दाख एक संवेदनशील सीमावर्ती इलाका है।
उमर अब्दुल्ला ने भी किया रिएक्ट
इस विवाद पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ‘हम Gen Z हैं’ जैसे बयान को लेकर कहा कि किसी पीढ़ी की पहचान को दबाव बनाने या अपनी बात मनवाने के तरीके के रूप में इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, ऐसी भाषा Gen Z की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।
संवेदनशील इलाकों में नियमों का पालन जरूरी
मिनिमार्ग चेकपोस्ट का यह मामला अब केवल एक पर्यटक और सुरक्षा कर्मियों के बीच विवाद नहीं रह गया है। इसने यह सवाल भी खड़ा किया है कि संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में घूमने वाले पर्यटकों को सुरक्षा प्रतिबंधों और जवानों के निर्देशों के प्रति कितना जिम्मेदार व्यवहार करना चाहिए। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए रास्ता रोकना यात्रियों के लिए परेशानी का कारण हो सकता है, लेकिन ऐसे इलाकों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की अपनी अहमियत होती है।