नवगछिया (भागलपुर): बरौनी-कटिहार रेलखंड पर नवगछिया और कुर्सेला के बीच कोसी नदी पर बने रेल पुल के स्पैन में दरार मिलने से रेलवे महकमे में हलचल मच गई। सूचना मिलने के बाद बुधवार को हाजीपुर स्थित रेलवे जोनल कार्यालय और आरडीएसओ लखनऊ की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और पुल की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान पुल के लोहे से बने स्पैन में आई दरारों का तकनीकी परीक्षण किया गया। आरडीएसओ की टीम में निदेशक, कार्यकारी निदेशक और सीनियर सेक्शन इंजीनियर शामिल रहे।
वहीं हाजीपुर से उप मुख्य अभियंता राकेश कुमार समेत अन्य रेल अधिकारी और स्थानीय अभियंता भी जांच के दौरान मौजूद रहे।
61 मीटर लंबे पुल के करीब 15 स्पैन में दरार
जानकारी के अनुसार, कोसी नदी पर बना यह रेल पुल करीब 61 मीटर लंबा है और इसके लगभग सभी 15 लोहे के स्पैन में दरारें सामने आई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे की तकनीकी टीम ने पुल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया।
रेलवे अधिकारियों ने पुल पर ट्रेन परिचालन पूरी तरह बंद नहीं किया है। हालांकि, एहतियात के तौर पर कॉशन ऑर्डर लागू कर ट्रेनों को नियंत्रित गति से चलाने का निर्देश दिया गया है। यानी पुल से गुजरते समय ट्रेनों की रफ्तार को सीमित रखा जाएगा।
RDSO और रेलवे अधिकारियों ने किया संयुक्त निरीक्षण
पुल में दरार की सूचना के बाद RDSO लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम बुधवार को मौके पर पहुंची। टीम ने पुल के स्पैन और संबंधित लोहे के हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण किया।
जांच के दौरान हाजीपुर के सीनियर सेक्शन इंजीनियर देवशंकर सिंह, बिहपुर के एईएन केके मिश्रा, आईओडब्ल्यू समेत स्थानीय रेलवे अधिकारी और अभियंता भी मौजूद रहे।
तीन-चार साल में ही दरार आने से उठे सवाल
बताया गया है कि इस रेल पुल का निर्माण 2021-22 के दौरान हुआ था और इसके बाद यहां रेल परिचालन शुरू किया गया। निर्माण के कुछ ही वर्षों बाद पुल के स्पैन में दरार सामने आने से इसकी निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार फिलहाल रेल परिचालन में किसी तरह की तत्काल बाधा नहीं है। ट्रेनों को सुरक्षा के लिहाज से कॉशन पर चलाया जा रहा है और दरार को जल्द दुरुस्त करने की बात कही गई है।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एहतियात
रेलवे की ओर से फिलहाल पुल पर परिचालन जारी रखा गया है, लेकिन ट्रेनों की गति नियंत्रित रखने का फैसला सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। तकनीकी जांच के बाद पुल में आई दरार को ठीक करने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।