लंदन। बिहार की पर्यटन संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने की कोशिशों के बीच बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता लंदन में आयोजित ‘दिलवालों की दिवाली’ कार्यक्रम में शामिल हुए। बिहार फाउंडेशन यूके की ओर से एट्रियम होटल, हीथ्रो में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, परंपरा और दीपावली के उत्सव का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय को बिहार आने का निमंत्रण दिया और राज्य की ऐतिहासिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को बिहार की पर्यटन पहचान को विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय से जोड़ने के अवसर के रूप में देखा गया। अपने संबोधन में मंत्री ने बिहार की उन विशेषताओं का उल्लेख किया, जो राज्य को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिहाज से अलग पहचान देती हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपने परिवार, मित्रों और विदेशी पर्यटकों के साथ बिहार आने की अपील की।
बिहार की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का किया उल्लेख
पर्यटन मंत्री ने कहा कि बिहार की पहचान केवल एक भौगोलिक क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान और आध्यात्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी भूमि के रूप में रही है। उन्होंने भगवान बुद्ध की ज्ञानभूमि, भगवान महावीर की कर्मभूमि और प्राचीन ज्ञान परंपराओं के केंद्र के रूप में बिहार की भूमिका का उल्लेख किया।
उन्होंने बोधगया, राजगीर, नालंदा, वैशाली, पटना साहिब और सीतामढ़ी जैसे प्रमुख स्थलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन स्थलों की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता बिहार को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट स्थान देती है। इन स्थानों को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आते हैं और बिहार की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ते हैं।

प्रवासी भारतीयों से बिहार आने की अपील
कार्यक्रम के दौरान केदार प्रसाद गुप्ता ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार और मित्रों के साथ बिहार की यात्रा करें। उन्होंने विदेशी पर्यटकों को भी राज्य की विरासत और पर्यटन स्थलों का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया। मंत्री के अनुसार बिहार की विविध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को दुनिया के सामने और प्रभावी ढंग से रखने की आवश्यकता है।
इस तरह का आमंत्रण प्रवासी भारतीय समुदाय के माध्यम से बिहार पर्यटन के प्रचार-प्रसार को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है। विदेशों में रहने वाले भारतीयों की अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ाव की भावना को पर्यटन के साथ जोड़ने की कोशिश राज्य के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है।
पर्यटन सुविधाओं और आधारभूत संरचना पर जोर
मंत्री ने बताया कि बिहार सरकार राज्य में पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने और पर्यटकों के लिए बेहतर आधारभूत संरचना तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। उद्देश्य यह है कि बिहार आने वाले पर्यटकों को प्रमुख स्थलों तक पहुंच, सुविधाओं और पर्यटन अनुभव के स्तर पर बेहतर व्यवस्था मिल सके।
इसके साथ बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। राज्य की ऐतिहासिक विरासत, धार्मिक स्थल, सांस्कृतिक परंपराएं और स्थानीय विशेषताएं मिलकर बिहार के लिए व्यापक पर्यटन संभावनाएं तैयार करती हैं।

भारत-ब्रिटेन सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का संदेश
पर्यटन मंत्री ने विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय की अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने के साथ भारत और ब्रिटेन के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करते हैं।
‘दिलवालों की दिवाली’ कार्यक्रम में भारतीय संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए दीपावली का उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का माहौल भारतीय परंपरा और आधुनिक अंतरराष्ट्रीय परिवेश के मेल का उदाहरण रहा।
बिहार फाउंडेशन यूके के प्रयासों की सराहना
केदार प्रसाद गुप्ता ने बिहार फाउंडेशन यूके के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने प्रवासी भारतीय समुदाय से बिहार की पर्यटन विरासत और सांस्कृतिक पहचान के प्रचार-प्रसार में सहभागी बनने का आह्वान किया। उनका कहना था कि विदेशों में बसे भारतीय बिहार के पर्यटन स्थलों के बारे में अपने स्तर पर जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
लंदन में आयोजित यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ है जब बिहार पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अधिक प्रमुखता से प्रस्तुत करने की कोशिश जारी है। प्रवासी भारतीयों से संवाद और उन्हें बिहार आने का निमंत्रण इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

कुल मिलाकर ‘दिलवालों की दिवाली’ कार्यक्रम में बिहार की पर्यटन विरासत का उल्लेख केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रवासी भारतीयों को राज्य की यात्रा के लिए जोड़ने का संदेश भी दिया गया। सरकार की ओर से पर्यटन सुविधाओं के विकास और अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत करने के प्रयासों के साथ ऐसे कार्यक्रम बिहार को वैश्विक पर्यटन बाजार में आगे बढ़ाने की दिशा में उपयोगी मंच साबित हो सकते हैं।
