बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्कर शराब की खेप राज्य में पहुंचाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। सारण जिले में पुलिस ने ऐसी ही एक कोशिश का पर्दाफाश किया है। कांवड़ियों का भेष धारण कर और वाहनों पर भगवा झंडे लगाकर शराब की खेप बिहार ले जाने की कोशिश कर रहे आठ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान दो वाहनों से 276 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई।
भगवा झंडों से सजे थे वाहन
मामला सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश की ओर से शराब की एक बड़ी खेप बिहार में प्रवेश कराने की तैयारी है। सूचना के आधार पर पुलिस ने सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी।
इसी दौरान दो संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी ली गई। इनमें एक स्कॉर्पियो और एक पिकअप वाहन शामिल था। दोनों वाहनों को इस तरह सजाया गया था कि वे कांवड़ियों के जत्थे का हिस्सा नजर आएं। वाहनों पर भगवा झंडे लगाए गए थे।
पुलिस को शक होने पर जब वाहनों की तलाशी ली गई तो अंदर अंग्रेजी शराब की खेप मिली। इसके बाद दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया।
276 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद
पुलिस के अनुसार, दोनों वाहनों से कुल 276 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई है। कार्रवाई के दौरान वाहन चालकों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि शराब की खेप उत्तर प्रदेश के बलिया से बिहार लाई जा रही थी। तस्करों का कथित तौर पर इसे बिहार के समस्तीपुर तक पहुंचाने का इरादा था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से खरीदी गई थी और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जयप्रभा सेतु के पास पुलिस ने पकड़ा
शराब तस्करी की यह कोशिश बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा से जुड़े जयप्रभा सेतु के पास पकड़ी गई। पुलिस को पहले से ही तस्करी की सूचना मिल गई थी, जिसके बाद संदिग्ध वाहनों पर नजर रखी जा रही थी।
सीमा क्षेत्र में पहुंचते ही दोनों वाहनों को रोककर जांच की गई। तलाशी के दौरान शराब मिलने के बाद पुलिस ने सभी आरोपितों को हिरासत में ले लिया।
इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस की भूमिका के साथ सीमा क्षेत्र में तस्करी रोकने के लिए चल रही निगरानी भी अहम रही।
कांवड़ यात्रा की आड़ में तस्करी का तरीका
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि तस्करों ने पहचान छिपाने के लिए कांवड़ियों का रूप अपनाया था। वाहनों को भगवा झंडों से सजाने का उद्देश्य भी यही बताया जा रहा है कि रास्ते में उन्हें धार्मिक यात्रा से जुड़े वाहन के तौर पर देखा जाए और पुलिस की नजर से बचाया जा सके।
हालांकि, पुलिस को पहले ही तस्करी की सूचना मिल गई थी। इसके बाद वाहनों की जांच की गई और पूरा मामला सामने आ गया।
समस्तीपुर तक पहुंचाई जानी थी शराब
पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि शराब की खेप बलिया से बिहार के समस्तीपुर ले जाई जा रही थी। अब जांच एजेंसियां तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बलिया में शराब की खेप किस व्यक्ति या गिरोह से मिली और समस्तीपुर में इसे किसे सौंपा जाना था। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
आठ तस्कर गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है। बरामद शराब की मात्रा 276 लीटर बताई गई है।
फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और इस नेटवर्क के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। इस कार्रवाई ने यह भी दिखाया है कि तस्कर पुलिस की नजर से बचने के लिए धार्मिक यात्राओं और वेशभूषा का सहारा लेने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।
नोट: यह खबर 15 अगस्त 2026 को उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्टों और पुलिस कार्रवाई से संबंधित जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले में पुलिस जांच जारी है, इसलिए आरोपितों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाएगा।