पटना: बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी के अलग-अलग रुख सामने आए हैं। चिराग पासवान ने बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए कहा था कि उन्हें ऐसी सरकार का समर्थन करने पर शर्मिंदगी महसूस होती है। अब इस बयान पर जीतन राम मांझी ने पलटवार किया है।
मांझी ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चिराग पासवान के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उनसे जब चिराग के उस बयान को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इस तरह की बात कह रहा है और उसे वास्तव में शर्मिंदगी महसूस हो रही है, तो उसे आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।
मांझी ने चिराग के बयान पर क्या कहा?
जीतन राम मांझी ने चिराग पासवान के रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर आप बहुत शर्मिंदा हैं तो अगली कार्रवाई करिए। उनके इस बयान को चिराग पासवान के सरकार के समर्थन को लेकर सवाल के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, मांझी ने अपने बयान में किसी औपचारिक राजनीतिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की।
मांझी ने इसी दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कामकाज की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि वह सरकार के काम से गौरवान्वित महसूस करते हैं और उनके मुताबिक मुख्यमंत्री विकास, आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर काम कर रहे हैं।
‘सम्राट चौधरी अच्छा काम कर रहे हैं’
जीतन राम मांझी ने बिहार सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास से लेकर आपदा प्रबंधन और लॉ एंड ऑर्डर तक सरकार काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई सरकार की निंदा करता है तो उसे आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच चिराग पासवान और मांझी के बयानों में बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले भी दोनों नेताओं की ओर से राज्य में कानून-व्यवस्था और सरकार के कामकाज को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।
मांझी ने पुराने शासन का भी किया जिक्र
मांझी ने बिहार के मौजूदा हालात की तुलना पुराने शासन से करते हुए कहा कि आज अपराध करने वालों को पहले की तरह संरक्षण नहीं मिलता। उन्होंने एक अणे मार्ग का जिक्र करते हुए दावा किया कि पहले अपहरण और दुष्कर्म जैसे मामलों में आरोपियों को वहां बुलाए जाने की स्थिति थी, जबकि आज ऐसा नहीं होता।
उन्होंने आगे कहा कि पहले ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ जैसी कार्रवाई नहीं होती थी, जबकि वर्तमान में कानून-व्यवस्था के खिलाफ काम करने वालों पर ऐसी कार्रवाई की जा रही है। ये बातें मांझी ने अपने बयान में सरकार के मौजूदा कानून-व्यवस्था के रुख को समझाने के लिए कहीं।
चिराग पासवान ने कानून-व्यवस्था पर उठाए थे सवाल
इससे पहले चिराग पासवान ने बिहार में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए थे। उनके बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा में आया और अब जीतन राम मांझी की प्रतिक्रिया सामने आई है।
हालांकि, चिराग पासवान से जुड़े जिस वीडियो/बयान को लेकर हाल में चर्चा हुई, उसके बारे में नवभारत टाइम्स की फैक्ट-चेक रिपोर्ट ने बताया था कि वायरल वीडियो 2025 का पुराना वीडियो था, न कि हाल का बयान। इसलिए मौजूदा घटनाक्रम में पुराने वीडियो और नए बयानों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।
बिहार में कानून-व्यवस्था पर जारी राजनीतिक बयानबाजी
बिहार में कानून-व्यवस्था का मुद्दा पिछले कुछ समय से राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। एक ओर चिराग पासवान ने अपराध और प्रशासन को लेकर चिंता जताई है, वहीं जीतन राम मांझी ने सम्राट चौधरी सरकार के कामकाज का समर्थन किया है।
दोनों नेताओं के बयानों से यह स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था को लेकर NDA के घटक दलों के नेताओं की सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं एक जैसी नहीं हैं। आगे इस मुद्दे पर दोनों नेताओं की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।