Amazon के संस्थापक का विजन—AI बढ़ाएगा काम की रफ्तार, परिवार एक कमाने वाले की आय से चला सकेंगे घर; अमेरिका को 2028 तक चांद पर इंसान उतारने की उम्मीद। अंतरिक्ष में 50 हजार से ज्यादा सैटेलाइट के जरिए डेटा सेंटर बनाने की योजना भी चर्चा में।
अमेरिका के अरबपति कारोबारी Jeff Bezos भविष्य की ऐसी तस्वीर पेश कर रहे हैं, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लोगों के काम करने का तरीका बदल सकती है, परिवारों को कम काम करके भी गुजारा करने का मौका मिल सकता है और डेटा सेंटर धरती के बजाय अंतरिक्ष में बनाए जा सकते हैं।
इसके साथ ही वह चाहते हैं कि अमेरिका चांद पर इंसान उतारने की दौड़ में चीन से आगे निकले और वहां कुछ समय के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक रहने की व्यवस्था बनाए।
Amazon के संस्थापक और अंतरिक्ष कंपनी ब्लू ओरिजिन के प्रमुख बेजोस ने ये बातें 7 अक्टूबर को Fox News के कार्यक्रम ‘स्पेशल रिपोर्ट’ में एंकर ब्रेट बेयर को दिए एक विशेष इंटरव्यू में कहीं। यह बातचीत फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्थित ब्लू ओरिजिन की फैक्ट्री में हुई।

इंटरव्यू के दौरान बेजोस ने AI, रोजगार, अंतरिक्ष अभियान, निवेश और राजनीति से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने अरबपतियों को खलनायक की तरह पेश किए जाने का भी विरोध किया।
1. AI से हफ्ते में तीन दिन काम करने की उम्मीद
बेजोस का मानना है कि AI और नई तकनीकें अर्थव्यवस्था की उत्पादकता बढ़ा सकती हैं। यानी लोग कम समय और संसाधनों में पहले से ज्यादा काम कर सकेंगे। उनके मुताबिक, इसका फायदा काम के घंटों में कमी और परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार के रूप में सामने आ सकता है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग भविष्य में हफ्ते में केवल तीन दिन काम करके भी अपने परिवार का खर्च उठा सकेंगे। कुछ परिवारों में एक व्यक्ति की कमाई ही घर चलाने के लिए पर्याप्त हो सकती है। बेजोस का तर्क है कि जब लोगों को अधिक काम करने की मजबूरी नहीं होगी, तो वे कम काम करना चुन सकते हैं।
उनका अनुमान है कि ऐसी स्थिति में कंपनियों के लिए कर्मचारी ढूंढना मुश्किल भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को दो नौकरियां करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, तो वे अतिरिक्त काम करने से इनकार कर सकेंगे।

हालांकि, यह बेजोस की भविष्य को लेकर अपनी सोच है। उन्होंने यह नहीं बताया कि AI से होने वाली उत्पादकता में बढ़ोतरी किस तरह और कितने समय में सीधे लोगों की आय या काम के घंटों में बदलाव लाएगी।
2. Amazon में 30 हजार पदों की कटौती पर क्या बोले?
इंटरव्यू के दौरान बेयर ने बेजोस के सामने Amazon में पिछले साल के अंत से करीब 30 हजार कॉर्पोरेट पदों में कटौती का मुद्दा उठाया। सवाल यह था कि एक तरफ AI से रोजगार पर खतरे की आशंका है, वहीं दूसरी तरफ बेजोस कम काम और कर्मचारियों की कमी की बात कर रहे हैं।
बेजोस ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान Amazon ने अपने कर्मचारियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी की थी और कंपनी इस मामले में एक खास स्थिति में है। उन्होंने माना कि लोगों को AI के कारण नौकरियां जाने की चिंता है, लेकिन वे उन लोगों की राय से सहमत नहीं हैं जो इसके नतीजों को बहुत नकारात्मक मानते हैं।
बेजोस की सह-स्थापित और सह-नेतृत्व वाली कंपनी Prometheus का लक्ष्य ऐसा AI सिस्टम विकसित करना है, जिसे उन्होंने ‘आर्टिफिशियल जनरल इंजीनियर’ कहा। इसका मकसद लोगों को अपने विचारों को वास्तविक उत्पादों में बदलने में मदद देना है। उदाहरण के तौर पर, AI इंजीनियरिंग और उत्पाद तैयार करने की प्रक्रिया को आसान बना सकती है, ताकि ज्यादा लोग डिजाइन और निर्माण से जुड़े काम कर सकें।

बेजोस ने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसे उपकरण बनाना है, जिनका इस्तेमाल इतना आसान हो कि कोई भी व्यक्ति इंजीनियरिंग का काम कर सके। उन्होंने यह भी अनुमान जताया कि AI अर्थव्यवस्था में उत्पादकता को दो अंकों के प्रतिशत तक बढ़ा सकती है।
3. AI में निवेश का बुलबुला फूटे, तब भी तकनीक रहेगी
AI कंपनियों में हो रहे भारी निवेश पर बेजोस से पूछा गया कि क्या यह क्षेत्र निवेश के बुलबुले में है। उन्होंने कहा कि इसका जवाब देना मुश्किल है। लेकिन उनके मुताबिक, अगर भविष्य में निवेश का बुलबुला फूट भी जाता है, तो उपयोगी तकनीकें खत्म नहीं होतीं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैव-प्रौद्योगिकी में तेजी के दौर में विकसित हुई जीवन बचाने वाली दवाएं बाद में भी काम आती रहीं। इसी तरह इंटरनेट के विस्तार के दौरान बिछाई गई फाइबर-ऑप्टिक केबल भी बनी रहीं। उनका तर्क था कि निवेशकों को नुकसान हो सकता है, लेकिन उस दौर में विकसित उपयोगी आविष्कार गायब नहीं हो जाते।
AI पर सरकारी नियंत्रण के सवाल पर भी बेजोस ने सावधानी बरतने की सलाह दी। उनका कहना था कि नई तकनीक के शुरुआती दौर में बहुत सख्त नियम लगाने के बजाय उसके खतरनाक इस्तेमाल पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चाकू का उदाहरण देते हुए कहा कि नियम चाकू पर नहीं, बल्कि हत्या जैसे गलत इस्तेमाल पर केंद्रित होने चाहिए।

यानी उनके मुताबिक, तकनीक को पूरी तरह सीमित करने के बजाय उसके दुरुपयोग और गलत इरादे से इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
4. अमेरिका-चीन की चंद्रमा पर पहुंचने की दौड़
बेजोस के विजन का दूसरा बड़ा हिस्सा अंतरिक्ष अभियान है। उनका कहना है कि अमेरिका को चीन से पहले चांद पर इंसान उतारने की कोशिश में सफल होना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि 2028 में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री चांद पर उतर सकते हैं।
इस लक्ष्य के लिए NASA और ब्लू ओरिजिन काम कर रहे हैं। बेजोस के मुताबिक, चांद पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी बनाए रखने के लिए वहां नियमित रूप से सामान और जरूरी संसाधन पहुंचाना होगा। सिर्फ एक बार अंतरिक्ष यात्रियों को भेजना पर्याप्त नहीं होगा।
उन्होंने मंगल ग्रह पर जाने की संभावना को भी स्वीकार किया, लेकिन कहा कि उससे पहले चांद पर पहुंचना जरूरी है। उनके अनुसार, चांद पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब है और वहां मौजूद संसाधन भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों में काम आ सकते हैं।

बेजोस ने कहा कि चांद की मिट्टी से सौर सेल बनाए जा सकते हैं और वहां पैदा होने वाली ऑक्सीजन का इस्तेमाल रॉकेट के ईंधन के रूप में किया जा सकता है। उनका लक्ष्य ऐसा ठिकाना बनाना है, जहां इंसान लंबे समय तक रह सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य चांद पर जाना और फिर लौट आना भर नहीं, बल्कि वहां टिकाऊ आधार तैयार करना होना चाहिए।
5. New Glenn रॉकेट की दिसंबर में वापसी की तैयारी
ब्लू ओरिजिन अपने New Glenn रॉकेट को दिसंबर में दोबारा उड़ान के लिए तैयार कर रही है। बेजोस ने बताया कि मई में इंजन के परीक्षण के दौरान हुए विस्फोट के बाद कंपनी लॉन्च पैड की मरम्मत कर रही है। कंपनी के प्रमुख ने पहले भी परीक्षण में आई तकनीकी गड़बड़ी और उसके बाद किए जा रहे सुधारों की जानकारी दी थी।
बेजोस ने मरम्मत करने वाली टीम की तारीफ की। उनके मुताबिक, अगली उड़ान में Blue Ring नाम का वाहन भेजा जाएगा। इसे ऐसे पेलोड यानी उपकरणों और अन्य सामान को अलग-अलग कक्षाओं तक पहुंचाने के लिए बनाया गया है, जो आगे अंतरिक्ष में जाने वाले अभियानों में इस्तेमाल हो सकते हैं।
बेजोस से पूछा गया कि क्या कंपनी एक लॉन्च पैड से सालाना उड़ानों की संख्या 12 से बढ़ाकर 50 करना चाहती है। उन्होंने बताया कि ब्लू ओरिजिन तीन अतिरिक्त लॉन्च पैड बना रही है। हालांकि, उनका दीर्घकालीन लक्ष्य इससे भी बड़ा है। वह चाहते हैं कि कंपनी पहले रोज उड़ान भरे, फिर हर घंटे और अंततः हर मिनट उड़ान भरने में सक्षम हो।

उन्होंने माना कि उनकी टीम के कुछ लोगों को यह लक्ष्य अवास्तविक लगता है। लेकिन बेजोस का कहना था कि उन्होंने पहले भी ऐसी चीजों को हकीकत बनते देखा है, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था।
6. ब्लू ओरिजिन में खुद लगाए 28 अरब डॉलर
बेजोस ने बताया कि उन्होंने ब्लू ओरिजिन में अपनी ओर से 28 अरब डॉलर लगाए हैं। कंपनी ने हाल ही में पहली बार बाहरी निवेशकों से 10 अरब डॉलर जुटाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी आने वाले कई वर्षों में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के लिए शुरुआती सार्वजनिक निर्गम यानी IPO ला सकती है।
बेजोस के मुताबिक, वह बाहरी निवेश तब तक नहीं लेना चाहते थे, जब तक उन्हें यह भरोसा नहीं हो गया कि निवेशकों के लिए यह अच्छा निवेश साबित हो सकता है।
7. अंतरिक्ष में 50 हजार से ज्यादा सैटेलाइट से डेटा सेंटर?
AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डेटा सेंटरों की जरूरत भी बढ़ रही है। डेटा सेंटर वे केंद्र होते हैं, जहां कंप्यूटर सर्वर और दूसरे उपकरण बड़ी मात्रा में डिजिटल जानकारी को स्टोर और प्रोसेस करते हैं। इनके संचालन में बिजली की काफी जरूरत पड़ती है। इसी मुद्दे पर बेजोस ने ब्लू ओरिजिन की Project Sunrise योजना का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि कंपनी ने अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) के पास 50 हजार से अधिक सैटेलाइट लॉन्च करने के लिए आवेदन किया है। इनका इस्तेमाल अंतरिक्ष में डेटा सेंटर के रूप में करने की योजना है।
बेजोस का मानना है कि अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाना संभव है और इसके पीछे ठोस वजहें हैं। हालांकि, इंटरव्यू में बताई गई यह योजना है; इसे पहले से तैयार या चालू हो चुकी व्यवस्था नहीं समझना चाहिए।
8. अरबपतियों की आलोचना और महंगे घरों पर क्या बोले?
इंटरव्यू में अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स की अरबपतियों को लेकर आलोचना पर भी सवाल हुआ। बेजोस ने इस विचार को खारिज किया कि सफल कारोबार खड़ा करना किसी व्यक्ति को बुरा इंसान बना देता है। उन्होंने कहा कि कोई उद्यमी अपना कारोबार बढ़ाते हुए रोजगार पैदा करता है, तो सिर्फ उसकी सफलता के आधार पर उसे खलनायक नहीं कहा जाना चाहिए।
अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने Raising Cane’s नाम की लोकप्रिय चिकन फूड चेन का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति ऐसा उत्पाद बनाता है जिसे लोग पसंद करते हैं और उसका कारोबार सफल होता है, तो इससे वह बुरा इंसान नहीं बन जाता।

जब उनसे पूछा गया कि कुछ लोगों के बीच समाजवाद के प्रति आकर्षण क्यों बढ़ रहा है, तो बेजोस ने माना कि आम लोगों के सामने वास्तविक आर्थिक समस्याएं हैं। खासकर घरों की बढ़ती कीमतों के कारण युवाओं के लिए अपने काम की जगह के पास रहना मुश्किल हो रहा है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि केवल मकान मालिकों को दोष देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनके मुताबिक, मांग को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियां और दूसरी ओर मकान बनाने पर पाबंदियां कीमतों को ऊपर धकेल सकती हैं। उन्होंने टेक्सास के ऑस्टिन शहर का उदाहरण दिया, जहां उनके अनुसार घर बनाने की प्रक्रिया आसान की जा रही है।
बेजोस ने मतदाताओं से कहा कि उन्हें उन नेताओं पर ध्यान देना चाहिए जो समाधान देने के बजाय लोगों को दोषी ठहराने में लगे रहते हैं। उनका कहना था कि अगर कोई नेता लगातार किसी को खलनायक बताकर उंगली उठाता है, तो संभव है कि उसके पास समस्या का समाधान न हो। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनियों में भी ऐसा व्यवहार करने वाले अधिकारियों को लंबे समय तक पद पर नहीं रखा जाएगा।
बेजोस की पूरी सोच का केंद्र यह है कि तकनीक, कारोबार और अंतरिक्ष में निवेश भविष्य की जिंदगी को बदल सकते हैं। लेकिन तीन दिन का कार्यसप्ताह, चांद पर स्थायी ठिकाना और अंतरिक्ष में डेटा सेंटर—फिलहाल ये उनके अनुमान और योजनाएं हैं, जिनकी सफलता आने वाले वर्षों में तय होगी।

