जमुई। सदर अस्पताल, जमुई की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। मामला गिद्धौर प्रखंड के महुली गांव की रहने वाली गर्भवती सोनम कुमारी से जुड़ा है, जिसे प्रसव के लिए सदर अस्पताल लाया गया था।
जांच में हेपेटाइटिस पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद उसे पटना रेफर कर दिया गया। परिजनों ने इस पर नाराजगी जताते हुए अस्पताल में हंगामा किया और मामले की शिकायत अधिकारियों से की।
शिकायत मिलने के बाद शनिवार देर रात एसडीओ सौरव कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। उनके साथ उपसमाहर्ता सह सदर अस्पताल के नोडल पदाधिकारी सावन कुमार भी मौजूद थे। अधिकारियों ने इमरजेंसी और प्रसव कक्ष का जायजा लिया तथा चिकित्सकों और गर्भवती के परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली।
सिजेरियन की तैयारी के बाद अचानक किया गया रेफर
जानकारी के अनुसार, सोनम कुमारी को प्रसव के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में उसकी सिजेरियन डिलीवरी की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। पहली जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे स्पाइनल एनेस्थीसिया भी दिया गया था।
इसके बाद दूसरी जांच रिपोर्ट में गर्भवती के हेपेटाइटिस पॉजिटिव होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद सिजेरियन की प्रक्रिया रोक दी गई और महिला को पटना रेफर करने का निर्णय लिया गया।
परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इस फैसले का विरोध किया। मामले की शिकायत अधिकारियों तक पहुंचने के बाद एसडीओ अस्पताल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
PMCH पहुंचते ही हुआ सामान्य प्रसव
अधिकारियों और चिकित्सकों से बातचीत के बाद गर्भवती को एंबुलेंस से पटना स्थित पीएमसीएच भेजा गया। बताया गया कि रविवार की अहले सुबह अस्पताल पहुंचते ही महिला का सामान्य प्रसव हुआ।
फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
आइसोलेशन वार्ड और सर्जन की कमी का हवाला
प्रसव कक्ष में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डा. शालिनी ने बताया कि गर्भवती की पहली रिपोर्ट निगेटिव आने पर सिजेरियन की तैयारी की गई थी। बाद में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर प्रक्रिया रोक दी गई।
उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल में हेपेटाइटिस मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा अस्पताल में फिलहाल सर्जन भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी स्थिति में सिजेरियन के दौरान रक्तस्राव जैसी जटिलता होने पर परेशानी बढ़ सकती थी। इसी वजह से मरीज को बेहतर व्यवस्था के लिए पटना रेफर किया गया।
शिकायत के बाद देर रात अस्पताल पहुंचे एसडीओ
एसडीओ सौरव कुमार ने बताया कि उन्हें मरीज को सदर अस्पताल में प्रसव नहीं कराने और पटना रेफर किए जाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचकर मरीज के परिजनों से बात की और ड्यूटी पर मौजूद महिला चिकित्सक से भी जानकारी ली।
एसडीओ के अनुसार, गर्भवती के हेपेटाइटिस पॉजिटिव होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी संसाधनों की कमी को देखते हुए चिकित्सक ने उसे रेफर किया था। मरीज की स्थिति सामान्य होने के बाद उसे सुरक्षित तरीके से पीएमसीएच भेजा गया।
उन्होंने सदर अस्पताल की इमरजेंसी का भी निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं और जरूरी संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से बातचीत करने की बात भी कही।
सदर अस्पताल में फिलहाल नहीं हैं सर्जन
सदर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डा. थनीष कुमार ने बताया कि हेपेटाइटिस पॉजिटिव मरीज के प्रसव के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण चिकित्सक ने उसे रेफर किया था।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में फिलहाल एक भी सर्जन उपलब्ध नहीं हैं। डा. नागेंद्र कुमार निलंबित हैं, डा. एजाज अहमद लंबी छुट्टी पर हैं, जबकि मृत्युंजय कुमार का हाल ही में तबादला हुआ है।
प्रभारी उपाधीक्षक ने कहा कि पटना में गर्भवती का सामान्य प्रसव कैसे हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। मामले में सामने आई कमियों की जानकारी वरीय अधिकारियों को देकर उन्हें जल्द दूर कराने की पहल की जाएगी।