जमुई: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मामले के विरोध में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने शहर में आक्रोश मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शहर के प्रमुख रास्तों से निकला आक्रोश मार्चABVP कार्यकर्ता मार्च के दौरान विभिन्न मार्गों से गुजरे और घटना के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मामले में शामिल सभी आरोपितों की पहचान कर शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग उठाई।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नाबालिग छात्र-छात्राओं के साथ सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की घटना गंभीर चिंता का विषय है।
उनका कहना है कि ऐसे मामलों में कार्रवाई में देरी होने से अपराधियों के बीच कानून का डर कमजोर पड़ सकता है।वायरल वीडियो के बाद बढ़ा मामलाबताया गया है कि 19 सितंबर की शाम दो नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया था। घटना से संबंधित वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला सामने आया और लोगों में आक्रोश फैल गया।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है और अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। शेष आरोपितों की तलाश जारी है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) भी गठित की गई है।
1पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक न करने की मांगआक्रोश मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि जांच के दौरान नाबालिग पीड़ितों की पहचान और निजता की पूरी तरह सुरक्षा की जानी चाहिए।ABVP कार्यकर्ताओं का कहना था कि सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो के प्रसार को रोकना भी जरूरी है। पुलिस ने भी नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई का संकेत दिया है।
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा मजबूत करने की मांगप्रदर्शनकारियों ने केवल आरोपितों पर कार्रवाई की मांग ही नहीं की, बल्कि शहर और आसपास के इलाकों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी रखी।
ABVP कार्यकर्ताओं के अनुसार, स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में आने-जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए।
उनका कहना है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में होना चाहिए।प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांगमार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।
घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि जब तक मामले में सभी आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।मामले में पुलिस की जांच जारी है और गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के साथ अन्य संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।