ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर Doctor Strange और ठाकुर बलदेव सिंह की तस्वीरें आमने-सामने रखीं; एक को बताया ‘UN according to school books’, तो दूसरे को ‘UN in reality’
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बयान, आरोप और कूटनीतिक वार तो आपने बहुत देखे होंगे, लेकिन ईरान ने संयुक्त राष्ट्र पर तंज कसने के लिए इस बार जो तरीका चुना, उसने सोशल मीडिया पर खूब ध्यान खींचा।
ईरान के भारत स्थित दूतावास ने एक मीम शेयर किया, जिसमें Marvel के Doctor Strange को बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘शोले’ के ठाकुर बलदेव सिंह के सामने खड़ा कर दिया गया। फर्क सिर्फ इतना था कि इस मीम में असली मुकाबला दोनों किरदारों का नहीं, बल्कि UN की ताकत और उसकी वास्तविक भूमिका का था।
एक तरफ कई हाथ, दूसरी तरफ हाथ ही नहीं
29 सितंबर को ईरानी दूतावास के X अकाउंट @Iran_in_India से शेयर किए गए इस दो हिस्सों वाले मीम में ऊपर Doctor Strange की कई हाथों वाली तस्वीर है। इसके साथ लिखा गया—“UN according to school books”, यानी स्कूल की किताबों के मुताबिक UN।
नीचे 1975 की फिल्म ‘शोले’ के ठाकुर बलदेव सिंह की तस्वीर लगाई गई है। फिल्म में गब्बर सिंह के हमले के बाद ठाकुर अपने दोनों हाथ खो देता है। इसी तस्वीर के नीचे लिखा है—“UN in reality”, यानी असलियत में UN।
दो तस्वीरों के जरिए ईरान ने अपना संदेश साफ कर दिया—किताबों में UN के पास कई रास्ते और शक्तियां हैं, लेकिन असल दुनिया के बड़े संघर्षों में उसकी कार्रवाई सीमित दिखाई देती है।
‘शोले’ के ठाकुर को ही क्यों चुना?
मीम की सबसे दिलचस्प बात यही है कि ईरान ने किसी आम तस्वीर की जगह भारतीय सिनेमा के सबसे पहचाने जाने वाले किरदारों में से एक को चुना।
ठाकुर बलदेव सिंह का किरदार अभिनेता संज️ीव कुमार ने निभाया था। ‘शोले’ में गब्बर सिंह के हमले के बाद ठाकुर अपने दोनों हाथ खो देता है। यही वजह है कि भारतीय दर्शक ठाकुर की तस्वीर देखते ही उसके ‘हाथ नहीं होने’ वाले संदर्भ को तुरंत समझ लेते हैं।
दूसरी तरफ Doctor Strange की कई हाथों वाली तस्वीर रखकर इसका बिल्कुल उल्टा दृश्य बनाया गया। यानी एक तरफ बहुत कुछ करने की क्षमता, तो दूसरी तरफ कार्रवाई करने की सीमित क्षमता का संकेत।
ईरान ने इसी अंतर को UN पर अपने राजनीतिक तंज में बदल दिया।
UN पर निशाना, लेकिन किसी एक प्रस्ताव का नाम नहीं
खास बात यह है कि ईरानी दूतावास की पोस्ट में किसी खास UN प्रस्ताव, Security Council Resolution या किसी एक युद्ध का सीधे नाम नहीं लिया गया। इसलिए इसे किसी एक प्रस्ताव के खिलाफ सीधा बयान कहना सही नहीं होगा।
हालांकि, मीम ऐसे समय शेयर किया गया, जब न्यूयॉर्क में 81वीं UN General Assembly का हाई-लेवल डिप्लोमैटिक दौर चल रहा था। UN के आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक General Debate 22 से 26 सितंबर और फिर 28 सितंबर 2026 को हुई थी। 29 सितंबर को भी UN में एक हाई-लेवल प्लेनरी बैठक निर्धारित थी।
इसी दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से न्यूयॉर्क में मुलाकात की। ईरान ने इस दौरान अमेरिका और इजराइल से जुड़े उन कदमों को लेकर UN की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए, जिन्हें तेहरान UN Charter और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है। ये ईरान के आरोप और उसका आधिकारिक रुख हैं।
बयान की जगह मीम, निशाना सीधे दुनिया की सबसे बड़ी संस्था
ईरान के इस पोस्ट की खासियत सिर्फ इसका राजनीतिक संदेश नहीं, बल्कि उसे पेश करने का तरीका भी है। जहां आमतौर पर राजनयिक संस्थाएं लंबे बयान और आधिकारिक भाषा का इस्तेमाल करती हैं, वहीं इस बार संदेश को महज दो तस्वीरों और कुछ शब्दों में समेट दिया गया।
और चुनाव भी ऐसा कि भारतीय सोशल मीडिया यूजर को समझाने की जरूरत न पड़े।
Doctor Strange के कई हाथ बनाम ठाकुर के कटे हुए हाथ।
एक तस्वीर देखकर लगता है कि सामने वाला हर मोर्चे पर काम कर सकता है, जबकि दूसरी तस्वीर का संदेश है कि जब असली परीक्षा आती है, तो हाथ ही नहीं बचे।
यही ईरान का UN को लेकर तंज है।
ईरान की ‘मीम डिप्लोमेसी’ का हिस्सा
यह पहली बार नहीं है जब ईरानी राजनयिक अकाउंट्स ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए भारतीय फिल्मों और पॉप कल्चर का इस्तेमाल किया हो। हाल के दिनों में ईरानी मिशनों की ओर से ‘बाहुबली’ और अन्य भारतीय फिल्मों के दृश्यों का इस्तेमाल भी राजनीतिक संदेश देने के लिए किया गया है।
यानी पारंपरिक कूटनीतिक भाषा के साथ अब मीम, फिल्मी डायलॉग और लोकप्रिय किरदार भी डिजिटल डिप्लोमेसी का हिस्सा बन रहे हैं। इसका फायदा यह है कि एक गंभीर राजनीतिक संदेश कुछ सेकंड में सोशल मीडिया की भाषा में बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच सकता है।
फिलहाल ईरान के इस मीम का सबसे चर्चित हिस्सा राजनीति से ज्यादा उसका फिल्मी अंदाज बन गया है। UN को समझाने के लिए Doctor Strange और उसकी कथित हकीकत दिखाने के लिए ‘शोले’ के ठाकुर—ईरान ने एक ही फ्रेम में हॉलीवुड, बॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को जोड़ दिया।