Indian Air Force Day 2026: 8 अक्टूबर को मनाया जाएगा 94वां वायुसेना दिवस; 1932 में हुई थी स्थापना, हिंडन में मुख्य समारोह और वाराणसी में पहली बार विशेष एयर शो की तैयारी
नई दिल्ली। भारत हर साल 8 अक्टूबर को भारतीय वायु सेना दिवस (Indian Air Force Day) मनाता है। यह दिन भारतीय वायुसेना की स्थापना की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। 8 अक्टूबर 1932 को भारतीय वायुसेना अस्तित्व में आई थी और 2026 में यह अपने 94 वर्ष पूरे कर रही है।
वायुसेना दिवस भारतीय वायुसेना की स्थापना, उसके इतिहास, सैन्य क्षमताओं और देश की सुरक्षा में उसके योगदान को याद करने का अवसर है। हर साल इस मौके पर परेड, एयर डिस्प्ले और विभिन्न समारोह आयोजित किए जाते हैं।
1932 में हुई थी भारतीय वायुसेना की स्थापना
भारतीय वायुसेना का इतिहास ब्रिटिश भारत के दौर से जुड़ा है। 8 अक्टूबर 1932 को Indian Air Force Act 1932 के तहत भारतीय वायुसेना अस्तित्व में आई थी। उस समय इसे ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स की सहायक वायुसेना के तौर पर स्थापित किया गया था।

इसके बाद 1 अप्रैल 1933 को इसकी पहली ऑपरेशनल यूनिट अस्तित्व में आई। शुरुआती दौर में No. 1 Squadron के पास चार Westland Wapiti विमान थे। उस समय की छोटी-सी शुरुआत से भारतीय वायुसेना ने आगे चलकर आधुनिक लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों, हेलीकॉप्टरों और मानवरहित प्रणालियों से लैस एक बड़ी वायु शक्ति का रूप लिया।
द्वितीय विश्व युद्ध में बढ़ी भूमिका
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना का तेजी से विस्तार हुआ। युद्ध में उसकी भूमिका के सम्मान में 1945 में ‘Royal’ शब्द जोड़ा गया और इसका नाम Royal Indian Air Force कर दिया गया।
भारत के गणराज्य बनने के बाद 1950 में ‘Royal’ शब्द हटा दिया गया और यह फिर Indian Air Force (IAF) कहलाने लगी।
वायुसेना के इतिहास में एयर मार्शल सुब्रोतो मुखर्जी का भी विशेष स्थान है। वे शुरुआती भारतीय पायलटों में शामिल थे और 1 अप्रैल 1954 को भारतीय वायुसेना के पहले भारतीय Chief of the Air Staff बने।

2026 में 94वीं वर्षगांठ
2026 का Air Force Day गुरुवार, 8 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस बार मुख्य आयोजन हिंडन एयर फोर्स स्टेशन में होगा। समारोह की तैयारियों के तहत वायुसेना ने हिंडन में फुल-ड्रेस रिहर्सल भी की है।
मुख्य समारोह में वायुसेना की विभिन्न क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। एयर डिस्प्ले में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के साथ वायुसेना की एरोबेटिक क्षमताएं भी देखने को मिलेंगी।
वाराणसी में पहली बार खास एयर शो
2026 के समारोह की एक खास बात वाराणसी से जुड़ी है। भारतीय वायुसेना इस साल वाराणसी में भी एयर डिस्प्ले की योजना के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों तक वायुसेना दिवस की पहुंच बढ़ा रही है। प्रस्तावित कार्यक्रम में गंगा और काशी के प्रमुख स्थलों के ऊपर हवाई प्रदर्शन की योजना की खबरें सामने आई हैं।
इस तरह वायुसेना दिवस का आयोजन केवल एक सैन्य समारोह तक सीमित न रहकर आम लोगों को भारतीय वायुसेना की क्षमताओं और विरासत से जोड़ने का माध्यम भी बन रहा है।

वायुसेना की मौजूदा चुनौतियां भी चर्चा में
94वें वायुसेना दिवस के मौके पर केवल समारोह ही नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण और भविष्य की जरूरतों पर भी चर्चा हो रही है।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कहा कि भारतीय वायुसेना सही दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन तेजी से बदलती तकनीक के दौर में उसकी प्रगति की गति को और बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने अधिक उन्नत क्षमताओं और तेजी से नए संसाधनों को शामिल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इससे पहले उन्होंने कहा था कि घटती fighter squadron strength को संभालने के लिए वायुसेना को हर साल बड़ी संख्या में नए विमान शामिल करने होंगे। उन्होंने सालाना 36 से 40 विमानों की जरूरत पर जोर दिया था।
Tejas, Rafale और AMCA पर नजर
भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण में स्वदेशी LCA Tejas, भविष्य के AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) और Rafale जैसे प्लेटफॉर्म महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

वायुसेना प्रमुख ने हाल में कहा कि भविष्य में भारतीय वायुसेना के पास अलग-अलग भूमिकाओं के लिए कई प्रकार के लड़ाकू विमान होंगे। साथ ही AMCA कार्यक्रम में देरी की स्थिति में वैकल्पिक विकल्पों पर विचार करने की जरूरत भी उन्होंने बताई है।
वायुसेना अपनी Beyond Visual Range यानी BVR combat capability को मजबूत करने के लिए Astra मिसाइल परिवार समेत अन्य लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों पर भी काम कर रही है।
IAF का आदर्श वाक्य
भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य है:
“नभः स्पृशं दीप्तम्” (Nabhah Sparsham Deeptam)

इसका अर्थ है—“Touch the Sky with Glory” यानी “गौरव के साथ आकाश को छूना।”
यह आदर्श वाक्य वायुसेना की पहचान और उसके मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
94 साल की यात्रा में बदली भारतीय वायुसेना
1932 में कुछ शुरुआती विमानों और सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुई भारतीय वायुसेना आज आधुनिक लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, परिवहन विमानों, एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करने वाली एक व्यापक एयरोस्पेस फोर्स बन चुकी है।
वायुसेना दिवस इसलिए केवल स्थापना दिवस नहीं है, बल्कि यह पिछले 94 वर्षों की यात्रा, देश की सुरक्षा में भूमिका और भविष्य की सैन्य-तकनीकी चुनौतियों पर नजर डालने का अवसर भी है।

8 अक्टूबर 2026 को 94वां वायुसेना दिवस मनाया जाएगा और हिंडन में होने वाला मुख्य समारोह इस अवसर का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
स्रोत: भारतीय वायु सेना का आधिकारिक इतिहास, हालिया IAF Day 2026 कार्यक्रम संबंधी रिपोर्टें और उपलब्ध समाचार रिपोर्टें।
