कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में ध्रुव जुरेल ने नाबाद 115 रनों की शानदार पारी खेलकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। लेकिन उनकी बल्लेबाजी से ज्यादा चर्चा उस खास अंदाज की हो रही है, जिसमें उन्होंने अपना शतक सेलिब्रेट किया।
शतक पूरा करते ही जुरेल ने पहले सलाम किया और फिर अपनी बाजू पर बना ‘जय जवान, जय किसान’ टैटू दिखाया। पहली नजर में यह एक सामान्य सेलिब्रेशन लग सकता था, लेकिन इसके पीछे उनके परिवार और उनकी जड़ों से जुड़ी भावुक कहानी है।
पिता सेना में, दादा किसान थे
ध्रुव जुरेल ने खुद बताया कि उनके दादा किसान थे, जबकि उनके पिता सेना में रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपने बाइसेप्स पर ‘जय जवान, जय किसान’ लिखवाया है।
जुरेल के मुताबिक, यह टैटू उनके लिए सिर्फ शरीर पर बना एक निशान नहीं है, बल्कि उनकी पहचान और परिवार की याद से जुड़ा हुआ है। शतक के बाद किया गया उनका सलाम भी उन्होंने अपने पिता और दादा को समर्पित किया।
उन्होंने बताया कि उनके दादा किसान और पिता सैनिक थे, इसलिए ये दोनों शब्द उनकी जिंदगी और उनकी जड़ों से जुड़े हैं।
99 रन पर बढ़ गई थी धड़कन
ध्रुव जुरेल के लिए यह शतक आसानी से नहीं आया। वह 99 रन पर पहुंचने के बाद 13 गेंदों तक शतक से दूर रहे। इस दौरान श्रीलंकाई गेंदबाज असीथा फर्नांडो ने अच्छी गेंदबाजी की और फील्डिंग भी कड़ी रखी।
आखिरकार जुरेल ने मौका देखकर रन लेने की कोशिश की और डाइव लगाकर अपना शतक पूरा किया। इसके बाद उनका खास सेलिब्रेशन देखने को मिला।
पंत के साथ निभाई अहम साझेदारी
जुरेल ने अपनी पारी के दौरान ऋषभ पंत के साथ 112 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी भी की। पंत ने 63 रन बनाए, जबकि जुरेल ने अपनी शैली में धैर्य के साथ बल्लेबाजी जारी रखी।
जुरेल ने बताया कि पंत के साथ बल्लेबाजी करना उनके लिए काफी उपयोगी रहा। वह परिस्थितियों के मुताबिक बल्लेबाजी करने और जरूरी मौकों पर पंत से सलाह लेने की कोशिश करते रहे।
सिर्फ शतक नहीं, अपनी जड़ों को भी किया सलाम
ध्रुव जुरेल का यह सेलिब्रेशन इसलिए खास बन गया क्योंकि इसमें उनकी क्रिकेट उपलब्धि के साथ-साथ उनके परिवार की विरासत भी दिखाई दी।
शतक पूरा करने के बाद टैटू दिखाकर जुरेल ने यह संदेश दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बावजूद वह अपनी जड़ों को नहीं भूलते। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।