तमिल अभिनेता धनुष के 3,000 से अधिक महिला प्रशंसकों और फैन संगठन की पदाधिकारियों से चेन्नई में मुलाकात ने तमिलनाडु की राजनीति में उनके संभावित प्रवेश को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ है, जब उनके प्रशंसक संगठन का नाम बदलकर ‘धनुष नर्पणी इयक्कम’ यानी धनुष वेलफेयर मूवमेंट रखा गया है। हालांकि, अभिनेता ने अब तक राजनीति में आने या अपनी पार्टी बनाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
फैन क्लब से वेलफेयर मूवमेंट तक
रिपोर्टों के मुताबिक, चेन्नई के बाहरी इलाके में एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित बैठक में तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों से महिला पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल हुए। संगठन के पुनर्गठन को 14 अक्टूबर को कोयंबटूर में हुई पदाधिकारियों की बैठक में मंजूरी दी गई थी। इस दौरान नया लोगो भी जारी किया गया, जिसमें लाल सितारे के बीच धनुष की हाथ जोड़कर अभिवादन करती तस्वीर दिखाई गई है।
नाम में ‘इयक्कम’ यानी आंदोलन या संगठन शब्द के इस्तेमाल और जमीनी स्तर पर गतिविधियां बढ़ाने के कारण इसे संभावित राजनीतिक तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन किसी प्रशंसक संगठन का कल्याणकारी गतिविधियों पर ध्यान देना अपने आप में राजनीतिक पार्टी बनाने का प्रमाण नहीं है। धनुष की ओर से अभी तक ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है।
कांग्रेस ने लगाया ‘ऑपरेशन डी’ का आरोप
इस घटनाक्रम पर तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद माणिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने के लिए किसी लोकप्रिय फिल्मी चेहरे को आगे लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इस कथित रणनीति को ‘ऑपरेशन डी’ कहा। यह कांग्रेस नेता का राजनीतिक आरोप है; धनुष को भाजपा की ओर से राजनीति में लाने की किसी योजना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

धनुष के संभावित राजनीतिक कदमों को लेकर तमिलनाडु के अन्य नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व अन्नाद्रमुक मंत्री के. टी. राजेंद्र बालाजी ने कहा था कि यदि धनुष उनकी पार्टी में शामिल होना चाहें तो उनका स्वागत किया जाएगा। द्रमुक के वरिष्ठ नेता एस. रेगुपति ने भी कहा कि लोकतंत्र में किसी को राजनीति में आने का अधिकार है। इन बयानों से राजनीतिक अटकलें बढ़ी हैं, लेकिन ये धनुष के किसी निर्णय की पुष्टि नहीं करते।
विजय की राजनीतिक सफलता के बाद बढ़ी अटकलें
तमिलनाडु में सिनेमा और राजनीति का पुराना संबंध रहा है। अभिनेता विजय ने पहले अपने प्रशंसक समूहों को विजय मक्कल इयक्कम के रूप में संगठित किया और फिर 2024 में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की स्थापना की। 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन और सरकार बनाने के बाद फिल्मी सितारों के राजनीतिक प्रभाव को लेकर चर्चा और तेज हुई है।
धनुष के संगठन का पुनर्गठन और महिला शाखा के साथ बैठक को कुछ लोग विजय के शुरुआती संगठनात्मक कदमों से तुलना करके देख रहे हैं। फिर भी, दोनों घटनाक्रमों को समान मानना जल्दबाजी होगी। धनुष ने अब तक चुनाव लड़ने, राजनीतिक दल बनाने या किसी पार्टी में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है।
धनुष ने पहले सामाजिक कार्य पर दिया था जोर
जुलाई में तिरुवल्लूर जिले के एक कार्यक्रम के दौरान धनुष ने प्रशंसकों से केवल फिल्मों और संगीत कार्यक्रमों में शामिल होने के बजाय अपने इलाकों में सामाजिक कल्याण के काम करने का आग्रह किया था। उन्होंने प्रशंसकों की एकजुटता को स्थानीय परिवारों की मदद और सामुदायिक सेवा में लगाने की बात कही थी। इस अपील को अब उनके संगठन के वेलफेयर मूवमेंट के रूप में पुनर्गठन के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

क्या धनुष राजनीति में आएंगे?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर धनुष की राजनीति में एंट्री को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। महिला समर्थकों के साथ बैठक और संगठन के नए नाम ने चर्चा जरूर बढ़ाई है, लेकिन यह आयोजन सामाजिक सेवा और प्रशंसक संगठन के विस्तार से भी जुड़ा हो सकता है। कांग्रेस का ‘ऑपरेशन डी’ वाला दावा भी अभी राजनीतिक आरोप के दायरे में है।
आने वाले समय में धनुष या उनके संगठन की ओर से कोई औपचारिक घोषणा होती है, तभी उनके राजनीतिक इरादों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। तब तक बैठक, संगठनात्मक बदलाव और राजनीतिक दलों के बयानों को पुष्ट तथ्यों तथा अटकलों के बीच अंतर रखते हुए देखना जरूरी है।
