बिहारशरीफ। कुपोषण से जूझ रहे बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से बिहारशरीफ ग्रामीण क्षेत्र में एक माह का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत SAM (गंभीर तीव्र कुपोषण) और MAM (मध्यम तीव्र कुपोषण) श्रेणी के बच्चों को सामान्य पोषण स्तर पर लाने के लिए सघन प्रयास किए जाएंगे।
इसी को लेकर उप विकास आयुक्त सुश्री सारा अशरफ ने बिहारशरीफ ग्रामीण की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ बैठक की।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार तथा पूरक पोषाहार वितरण की व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि SAM और MAM श्रेणी में आने वाले बच्चों की पहचान कर उनका विवरण पोषण ट्रैकर ऐप पर दर्ज किया जाए। इसके बाद एक माह तक इन बच्चों की नियमित निगरानी करते हुए उन्हें सामान्य पोषण श्रेणी में लाने का प्रयास किया जाए।
अभियान के लिए बिहारशरीफ ग्रामीण क्षेत्र की 20 आंगनबाड़ी सेविकाओं को चिह्नित किया गया है। इन सेविकाओं के लिए एक विशेष निगरानी समूह बनाया गया है, जिसमें बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के साथ महिला पर्यवेक्षिकाओं को भी शामिल किया गया है।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों पर मेनू के अनुसार हॉट कुक मील (HCM) का वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बच्चों की उपस्थिति के अनुसार प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराने के साथ इसकी पुष्टि के लिए ग्रुप में तीन स्पष्ट एवं जियो-टैग वाली तस्वीरें भेजना अनिवार्य किया गया है।
पहला फोटो बच्चों के नाश्ते का सुबह 10 बजे तक, दूसरा भोजन का फोटो दोपहर 2 बजे तक और तीसरा बच्चों के खाना खाते हुए लिया गया फोटो भेजना होगा।
निर्देश दिया गया कि तस्वीरें स्पष्ट हों और उनमें जियो-टैगिंग अनिवार्य रूप से हो। जिन आंगनबाड़ी सेविकाओं को इस प्रक्रिया में परेशानी होगी, उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, बिहारशरीफ ग्रामीण एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को प्रतिदिन इसकी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस को पूरे अभियान का नियमित अनुश्रवण करते हुए निर्धारित समय में कार्य पूरा कराने की जिम्मेदारी दी गई है।