बिहार के डिजिटल हेल्थ सेक्टर के लिए 25 सितंबर 2026 का दिन बड़ी उपलब्धि लेकर आया। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत बेगूसराय जिले को 5 लाख से अधिक आबादी वाले जिलों की श्रेणी में “Best Performing Model District” के राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘आरोग्य मंथन 2026’ में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने यह सम्मान बिहार स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव और बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति (BSSS) के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा को प्रदान किया। यह सम्मान केवल एक जिले की उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।

बेगूसराय की उपलब्धि क्यों है खास?
स्वास्थ्य सेवा अब केवल अस्पताल, डॉक्टर और दवा तक सीमित नहीं रह गई है। डिजिटल तकनीक स्वास्थ्य व्यवस्था को जोड़ने और मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को अधिक व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रही है। इसी बदलाव के बीच बेगूसराय को मिला राष्ट्रीय सम्मान जिले में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की पहचान है।
बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के अनुसार, जिले में ABDM के विभिन्न घटकों को लागू करने, स्वास्थ्य संस्थानों और स्वास्थ्यकर्मियों को डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से जोड़ने तथा नागरिकों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुगम बनाने की दिशा में लगातार काम किया गया है।
यही प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन के दौरान बेगूसराय की उपलब्धि का आधार बने और जिले को 5 लाख से अधिक आबादी वाले जिलों की श्रेणी में Best Performing Model District का सम्मान मिला।
विज्ञान भवन में मिला राष्ट्रीय सम्मान
यह सम्मान AB PM-JAY के आठ वर्ष और ABDM के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘आरोग्य मंथन 2026’ कार्यक्रम में दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की ओर से नई दिल्ली के विज्ञान भवन में किया गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने विभिन्न श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तथा डिजिटल स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को सम्मानित किया। आरोग्य मंथन 2026 में स्वास्थ्य आश्वासन और डिजिटल हेल्थ के अगले चरण को लेकर भी चर्चा हुई।
ABDM ने देश में बनाया डिजिटल हेल्थ का नेटवर्क
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन सितंबर 2021 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य देश में ऐसा डिजिटल स्वास्थ्य ढांचा तैयार करना है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अलग-अलग हिस्सों को डिजिटल माध्यम से जोड़ा जा सके।
केंद्र सरकार के अनुसार, 1 सितंबर 2026 तक 97.8 करोड़ से अधिक ABHA बनाए जा चुके थे और 121 करोड़ से ज्यादा स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंक किए जा चुके थे। इसके अलावा 5.6 लाख से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं और करीब 11 लाख स्वास्थ्यकर्मी ABDM इकोसिस्टम में पंजीकृत थे।
इस डिजिटल नेटवर्क में ABHA यानी Ayushman Bharat Health Account, Healthcare Professionals Registry और Health Facility Registry जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल हेल्थ घटक शामिल हैं। इनके जरिए नागरिकों, स्वास्थ्य संस्थानों और स्वास्थ्यकर्मियों को एक व्यापक डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
बेगूसराय मॉडल को मिली राष्ट्रीय पहचान
बेगूसराय को मिला पुरस्कार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे केवल किसी एक अस्पताल या स्वास्थ्य संस्थान के प्रदर्शन का सम्मान नहीं बताया गया है। यह जिले में ABDM के समग्र क्रियान्वयन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जुड़ा सम्मान है।
बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के मुताबिक, इस उपलब्धि में जिला प्रशासन, जिला ABDM टीम, स्वास्थ्य संस्थानों, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य संबंधित हितधारकों की संयुक्त भूमिका रही है।
यानी डिजिटल स्वास्थ्य का यह मॉडल किसी एक विभाग के प्रयास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विभिन्न हिस्सों के समन्वय से आगे बढ़ा।
अस्पताल से डिजिटल सिस्टम तक बदल रही स्वास्थ्य व्यवस्था
ABDM का मूल उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल कनेक्टिविटी और डेटा के बेहतर उपयोग के लिए एक इंटरऑपरेबल सिस्टम तैयार करना है। इसका असर भविष्य में मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड, अस्पतालों के बीच जानकारी के आदान-प्रदान और स्वास्थ्य सेवाओं की डिजिटल पहुंच पर पड़ सकता है।
केंद्र सरकार के अनुसार ABDM के तहत डिजिटल हेल्थ स्टैंडर्ड और जिम्मेदार तरीके से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर भी काम हो रहा है। SAHI, BODH, Common Lab Codes और Bharat Health Terminology Service जैसी पहलों का उद्देश्य डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में मानकीकरण और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करना है।
आरोग्य मंथन 2026 में डिजिटल हेल्थ के अगले चरण के लिए कई नई पहलों पर भी चर्चा हुई। इनमें National Healthcare Providers Registry Mobile App, Secure Data Environment और डिजिटल हेल्थ फैसिलिटी के लिए मॉडल गाइडबुक जैसी पहल शामिल हैं।
बिहार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मान?
बिहार जैसे बड़े राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ना अपने आप में बड़ी प्रशासनिक चुनौती है। ऐसे में बेगूसराय का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना राज्य के डिजिटल हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।
इस उपलब्धि से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए आगे की चुनौती भी स्पष्ट है—राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान को लगातार बेहतर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में बदलना और इन सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना।
स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक का असली महत्व तभी सामने आएगा, जब इसका फायदा शहरों के साथ-साथ प्रखंडों, ग्रामीण इलाकों और आम मरीजों तक आसानी से पहुंचे। ABDM का उद्देश्य भी एक ऐसे नागरिक-केंद्रित डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करना है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी डिजिटल सुविधाएं अधिक व्यवस्थित और सुगम बन सकें।
‘बेगूसराय मॉडल’ के लिए आगे की चुनौती
राष्ट्रीय पुरस्कार किसी भी जिले के लिए उपलब्धि का पड़ाव जरूर है, लेकिन डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था में लगातार सुधार की जरूरत बनी रहती है। स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ना, स्वास्थ्यकर्मियों की डिजिटल क्षमता बढ़ाना और नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करना आगे भी महत्वपूर्ण रहेगा।
बेगूसराय को मिला Best Performing Model District का सम्मान इस दिशा में जिले के अब तक के प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान देता है। बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति ने इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन, जिला ABDM टीम, स्वास्थ्य संस्थानों, स्वास्थ्यकर्मियों और सभी संबंधित हितधारकों को बधाई दी है।
एक समय स्वास्थ्य सेवाओं की पहचान अस्पताल और डॉक्टर तक सीमित थी। अब उसी व्यवस्था में डिजिटल कनेक्टिविटी एक नई कड़ी बन रही है। बेगूसराय का यह राष्ट्रीय सम्मान इसी बदलते स्वास्थ्य मॉडल की कहानी कहता है—जहां तकनीक को स्वास्थ्य सेवा से जोड़कर व्यवस्था को अधिक डिजिटल, कनेक्टेड और नागरिक-केंद्रित बनाने की कोशिश की जा रही है।