पटना, 30 अगस्त। बिहार में सहकारिता व्यवस्था को और मजबूत, आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। इसी क्रम में समस्तीपुर के पूसा स्थित सहकारिता प्रशिक्षण केंद्र को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से केंद्र का कायाकल्प किया जा रहा है।
पूसा प्रशिक्षण केंद्र में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
पूसा स्थित सहकारिता प्रशिक्षण केंद्र में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रशासनिक भवन तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही पुस्तकालय, स्मार्ट क्लासरूम, कॉमन रूम, जिम, प्राचार्य कक्ष और फैकल्टी सदस्यों के लिए आवास जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
इस पहल का उद्देश्य सहकारिता विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था से सहकारिता क्षेत्र में काम करने वाले कर्मियों की क्षमता और कार्यकुशलता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
गया के डोभी में बनेगा प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान
सहकारिता प्रशिक्षण के बुनियादी ढांचे को दक्षिण बिहार में भी मजबूत किया जा रहा है। इसके लिए गया जिले के डोभी प्रखंड में सहकारिता प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान के निर्माण की योजना है।
संस्थान के निर्माण के लिए 10.38 एकड़ भूमि का आवंटन किया जा चुका है। पूसा और डोभी में संस्थानों के विकसित होने के बाद राज्य के सहकारिता विभाग से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मचारियों और पैक्स प्रतिनिधियों को आधुनिक प्रशिक्षण का बेहतर अवसर मिल सकेगा।
पैक्स सदस्यों को मास्टर ट्रेनर देंगे प्रशिक्षण
सरकार की योजना केवल बड़े प्रशिक्षण संस्थानों तक सीमित नहीं है। पैक्स स्तर तक प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
इसके तहत सभी पैक्स सदस्यों को मास्टर ट्रेनर के माध्यम से प्रशिक्षण देने की योजना पर काम किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान पैक्स के कामकाज, प्रबंधन और नई व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी दी जाएगी।
इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाना और पैक्स के सदस्यों एवं पदाधिकारियों को बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
देश के बड़े संस्थानों में भी प्रशिक्षण
सहकारिता विभाग के अधिकारियों और पैक्स प्रतिनिधियों को राज्य से बाहर प्रतिष्ठित संस्थानों में भी प्रशिक्षण-सह-अध्ययन भ्रमण कराया जा रहा है।
इसके तहत 420 सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों और 300 पैक्स अध्यक्षों या प्रबंधकों को देश के प्रमुख सहकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली समझने का अवसर दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के लिए गुजरात के आनंद स्थित त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय, पुणे स्थित वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान और गुरुग्राम स्थित लक्ष्मणराव इनामदार राष्ट्रीय सहकारी अनुसंधान एवं विकास अकादमी जैसे संस्थानों को शामिल किया गया है।
सहकारिता क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती
बिहार में आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था, बेहतर आधारभूत संरचना और पैक्स स्तर तक क्षमता निर्माण पर जोर दिए जाने से सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
पूसा को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने और गया के डोभी में प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान स्थापित करने से सहकारिता से जुड़े लोगों को बेहतर प्रशिक्षण और नई तकनीकों की जानकारी मिल सकेगी। इससे राज्य में सहकारी संस्थाओं के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।