पटना: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बिहार में सियासी टकराव तेज हो गया है। भाजपा की ओर से खरगे के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन के बाद अब बिहार कांग्रेस प्रदर्शन की तैयारी में जुट गई है। पार्टी ने मंगलवार को राज्य के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन करने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन करने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस की ओर से इसे भाजपा के विरोध-प्रदर्शन का राजनीतिक जवाब माना जा रहा है। पार्टी का कहना है कि खरगे के बयान को भाजपा की ओर से तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और इसी आधार पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। कांग्रेस ने भाजपा के इस रुख को राजनीतिक रूप से अनुचित बताते हुए जिलास्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का निर्देश दिया है।
सभी जिलों में होगा कांग्रेस का प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन अजय कुमार पासवान ने सोमवार को प्रदर्शन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी मंगलवार को राज्य के सभी जिलों में प्रदर्शन के जरिए भाजपा की राजनीति का विरोध दर्ज कराएगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुतले का दहन भी किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, पार्टी इस पूरे विवाद को भाजपा की कथित नकारात्मक राजनीति और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़कर जनता के बीच अपनी बात रखेगी। पार्टी का जोर इस बात पर है कि कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान अनुशासन बनाए रखें और स्थानीय स्तर पर कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रखें।

प्रदेश अध्यक्ष ने जिला अध्यक्षों को दिए निर्देश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने सभी जिला अध्यक्षों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर प्रदर्शन में शामिल होने का निर्देश दिया है। संगठन को कहा गया है कि प्रत्येक जिले में कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से आयोजित किया जाए और कार्यकर्ता पार्टी की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों को जनता तक पहुंचाएं।
पार्टी नेतृत्व ने प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की अनुशासनहीनता से बचने और राजनीतिक विरोध को लोकतांत्रिक तरीके से दर्ज कराने पर जोर दिया है। कांग्रेस का मानना है कि भाजपा द्वारा खरगे के खिलाफ चलाए जा रहे विरोध का जवाब संगठनात्मक एकजुटता के साथ दिया जाना चाहिए।
खरगे के बयान पर भाजपा-कांग्रेस में बढ़ा विवाद
दरअसल, पटना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद भाजपा ने विरोध तेज कर दिया है। सोमवार को बिहार समेत कई स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और खरगे से माफी की मांग की। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस ने भी राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है।
इस तरह बिहार कांग्रेस प्रदर्शन अब भाजपा के आंदोलन के जवाब के रूप में सामने आया है। दोनों प्रमुख दलों के आमने-सामने आने से बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के संकेत हैं। मंगलवार को होने वाले प्रदर्शन पर राजनीतिक और प्रशासनिक नजरें रहेंगी।

