पटना, 25 सितंबर 2026: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को पटना में हुआ। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आर. ब्लॉक स्थित चाणक्य होटल के पास से राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। मार्च को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस का आरोप है कि बिहार में SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में चुनाव आयोग की ओर से एकतरफा निर्णय लिए गए। पार्टी ने इन मुद्दों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह कांग्रेस का राजनीतिक आरोप है, जबकि चुनाव आयोग की ओर से SIR प्रक्रिया और निर्णयों को लेकर अलग पक्ष रखा गया है।

आर. ब्लॉक से शुरू हुआ विरोध मार्च
कांग्रेस का विरोध मार्च शुक्रवार दोपहर आर. ब्लॉक स्थित चाणक्य होटल के पास से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शनकारियों के हाथों में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां थीं।
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
राजेश राम ने की मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में चुनाव आयोग ने पारदर्शिता और निष्पक्षता के सवालों का पर्याप्त जवाब नहीं दिया।
राजेश राम ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रही है। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से बिहार में मतदाता अधिकार यात्रा के दौरान उठाए गए मुद्दों का भी उल्लेख किया।
राजेश राम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की बैठकों में दर्ज आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को इन मुद्दों की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

चुनाव आयोग के फैसलों की समीक्षा की मांग
कांग्रेस ने सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग तक अपने विरोध को सीमित नहीं रखा। पार्टी की ओर से यह मांग भी उठाई गई कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में जिन राज्यों में चुनाव कराए गए हैं, वहां चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा की जाए।
राजेश राम ने बिहार समेत उन राज्यों में दोबारा चुनाव कराने की मांग भी रखी, जहां उनके अनुसार SIR जैसी प्रक्रिया और कथित एकतरफा फैसलों का असर चुनाव पर पड़ा। हालांकि, यह कांग्रेस की राजनीतिक मांग है और इसे लेकर कोई न्यायिक या चुनाव आयोग का ऐसा आदेश सामने नहीं आया है जिसमें इन चुनावों को रद्द घोषित किया गया हो।
पुतला दहन भी किया गया
विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया। पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर पुतला बुझाने की कोशिश की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की गई थी। पटना में कांग्रेस के इस प्रदर्शन की पुष्टि राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में भी हुई है।
देशभर में कांग्रेस कर रही विरोध प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर में राज्य निर्वाचन आयोगों के कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालने का कार्यक्रम घोषित किया था। पार्टी SIR को लेकर अपने आरोपों के आधार पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग कर रही है।
यह विरोध ऐसे समय हो रहा है जब SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हुई है। हाल की रिपोर्टों में चुनाव आयुक्तों के बीच कुछ मुद्दों पर दर्ज आपत्तियों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन घटनाओं की व्याख्या को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हैं।
प्रदर्शन में ये नेता रहे मौजूद
विरोध मार्च में सांसद पप्पू यादव, बिहार कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, विधायक मनोज विश्वास, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, पूर्व विधायक प्रतिमा कुमारी दास, बंटी चौधरी, ऋषि मिश्रा, डॉ. संजय यादव, पंकज यादव, मिन्नत रहमानी, स्नेहाशीष वर्धन पांडेय, कुमार आशीष, कमल कमलेश, राजीव मेहता, चंद्रप्रकाश सिंह, डॉ. कुमारी सोनी, प्रेमचंद सिंह, डॉ. अमन कुमार, उमैर खान, अफरोज खान, जितेंद्र नाथ पटेल, मंजीत आनंद साहू, अनुराग चंदन, रीता सिंह, मृणाल अनामय, संजय पांडेय, अरुण पाठक, हीरा सिंह बग्गा, मनीष यादव, पूनम यादव, कुमारी अनिता, बिट्टू यादव, सत्येंद्र कुमार, राहुल भारद्वाज और अनुकूल राज समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस के आरोपों पर चुनाव आयोग का भी पक्ष
SIR को लेकर कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है। वहीं चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर कहा है कि अलग-अलग राय और आपत्तियां किसी भी संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा हो सकती हैं। ऐसे में SIR को लेकर कांग्रेस के आरोपों और चुनाव आयोग के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।
फिलहाल पटना में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR से जुड़े फैसलों की समीक्षा की मांग के साथ हुआ। मामले में आगे राजनीतिक और संवैधानिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर बनी हुई है।