बिहार के शतरंज खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर अपनी प्रतिभा का दम दिखाया है। नाइजीरिया की राजधानी अबुजा में आयोजित FIDE World Amateur Rapid & Blitz Chess Championship 2026 में बिहार के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल सात पदक अपने नाम किए। रैपिड और ब्लिट्ज की अलग-अलग श्रेणियों में खिलाड़ियों ने मजबूत मुकाबले खेले और कई वर्गों में पदक जीतकर राज्य की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया।
बिहार के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में कुल 7 पदक—4 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य अपने नाम किए। प्रतियोगिता में बिहार की रानी पूजा, साकेत कुमार और अमन कुमार ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। रैपिड वर्ग में रानी पूजा ने महिला 1700 रेटिंग वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने ओपन 1700 रेटिंग वर्ग में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
FIDE की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अबुजा में आयोजित इस विश्व एमेच्योर चैंपियनशिप में दुनिया के अलग-अलग देशों से खिलाड़ी पहुंचे थे। प्रतियोगिता में रैपिड और ब्लिट्ज दोनों प्रारूप शामिल रहे। रैपिड और ब्लिट्ज मुकाबलों में खिलाड़ियों को 11-11 राउंड के जरिए अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिला।
रैपिड के ओपन 2000 रेटिंग वर्ग में अमन कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। वहीं साकेत कुमार ने ओपन 1700 रेटिंग वर्ग में रजत पदक जीतकर बिहार की पदक तालिका में इजाफा किया।
रानी पूजा ने जीते दो स्वर्ण पदक
ब्लिट्ज वर्ग में भी बिहार के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। रानी पूजा ने महिला 1700 रेटिंग वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि साकेत कुमार ने ओपन 1700 रेटिंग वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
रानी पूजा पहले भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के रिकॉर्ड में भी उनका नाम नेशनल एमेच्योर चेस प्रतियोगिताओं के खिलाड़ियों में दर्ज है।
इसके अलावा राज आर्यन ने ओपन 2000 रेटिंग वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान हासिल किया।
साकेत कुमार ने भी छोड़ी छाप
बिहार के साकेत कुमार ने भी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ओपन अंडर-1700 रेटिंग वर्ग में पदक हासिल किया और ब्लिट्ज मुकाबलों में भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इस तरह साकेत की उपलब्धि ने बिहार की पदक तालिका को और मजबूत किया।
आधिकारिक प्रतियोगिता रिकॉर्ड में साकेत कुमार का नाम भारतीय प्रतिभागियों में शामिल है। साकेत इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर की शतरंज प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहे हैं। बिहार की राज्य स्तरीय FIDE रेटेड प्रतियोगिताओं के रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ी बिहार की पहचान
बिहार के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि को राज्य में शतरंज के बढ़ते स्तर से जोड़कर देखा जा रहा है। खासकर रैपिड और ब्लिट्ज जैसे तेज प्रारूपों में खिलाड़ियों को रणनीति के साथ-साथ समय प्रबंधन पर भी खास ध्यान देना पड़ता है। अबुजा में बिहार के खिलाड़ियों ने इसी दबाव के बीच लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।
दिलचस्प बात यह है कि प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग आयु और रेटिंग वर्गों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। FIDE की रिपोर्ट में भी अबुजा के ब्लिट्ज मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को उल्लेखनीय बताया गया है।
बिहार के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि राज्य में शतरंज को लेकर पिछले कुछ वर्षों में खिलाड़ियों और संगठनों की गतिविधियां बढ़ी हैं। स्थानीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी अब अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
बिहार के शतरंज खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
अबुजा से मिली यह सफलता बिहार के उन युवा और उभरते शतरंज खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जो बड़े मंच पर खेलने का सपना देखते हैं। रानी पूजा, साकेत कुमार और अमन कुमार के प्रदर्शन ने यह दिखाया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, नियमित अभ्यास और बेहतर रणनीति के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाई जा सकती है।