बेंगलुरु: वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें और निर्णायक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले भारतीय टीम को अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के जुड़ने से मजबूती मिली है। अर्शदीप सिंह के गेंदबाजी वाले कंधे पर चोट लगने के बाद भुवनेश्वर को टीम में शामिल किया गया। हालांकि, अर्शदीप को पूरी तरह बाहर नहीं किया गया था और उनकी उपलब्धता पर अंतिम फैसला मैच से पहले उनकी रिकवरी देखकर लिया जाना था। पांच मैचों की सीरीज फिलहाल 2-2 से बराबर थी।
लगभग चार साल बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी
36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नवंबर 2022 में खेला था। उन्हें पहले न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत की टी20 टीम में चुना गया था। बेंगलुरु में टीम के साथ मौजूद होने के कारण उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ निर्णायक मैच के लिए भी बुलाया गया। उनकी वापसी ऐसे समय हुई है जब भारत को सीरीज जीतने के लिए गेंदबाजी में अनुभव और नियंत्रण दोनों की जरूरत है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मुताबिक, चौथे टी20 मैच में बल्लेबाजी के दौरान अर्शदीप के गेंदबाजी वाले कंधे पर चोट लगी थी। उनकी फिटनेस का आकलन मैच से पहले किया जाना था। इसलिए भुवनेश्वर को टीम में शामिल करना एहतियाती मजबूती के रूप में देखा जा रहा है, न कि अर्शदीप की अनुपलब्धता की अंतिम पुष्टि के तौर पर।
भुवनेश्वर की स्विंग भारत के लिए क्यों अहम?
भुवनेश्वर कुमार नई गेंद से स्विंग हासिल करने, लाइन-लेंथ बनाए रखने और पारी के अहम चरणों में विविधता के लिए जाने जाते हैं। बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम आम तौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल माना जाता है, जहां छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड गेंदबाजों के लिए चुनौती पैदा कर सकती हैं। ऐसे मैदान पर शुरुआती ओवरों में अनुशासित गेंदबाजी और डेथ ओवरों में सही निष्पादन खास महत्व रखते हैं।

भुवनेश्वर का अनुभव कप्तान और गेंदबाजी समूह को विकल्प दे सकता है। हालांकि, लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय टी20 में वापसी की स्थिति में उनकी भूमिका और मैच फिटनेस पर भी नजर रहेगी। अंतिम एकादश का फैसला टीम प्रबंधन की रणनीति, पिच और अर्शदीप की फिटनेस पर निर्भर करेगा।
सीरीज 2-2 से बराबर, पांचवां मैच निर्णायक
भारत ने सीरीज में दो मुकाबले जीते, जबकि वेस्टइंडीज ने दूसरे और चौथे मैच में जीत दर्ज कर बराबरी हासिल की। चौथे टी20 में वेस्टइंडीज ने बड़ा स्कोर बनाया और भारत को 24 रन से हराया। इस नतीजे के बाद पांचवां मुकाबला दोनों टीमों के लिए सीरीज जीतने का मौका बन गया।
वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी में कप्तान शाई होप की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। भारतीय गेंदबाजों के सामने शुरुआती विकेट लेने के साथ-साथ रन गति पर नियंत्रण रखने की चुनौती होगी। यदि अर्शदीप उपलब्ध नहीं होते, तो भुवनेश्वर की स्विंग और अनुभव गेंदबाजी संयोजन में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
न्यूजीलैंड दौरे से पहले अहम परीक्षा
वेस्टइंडीज के खिलाफ निर्णायक मैच के बाद भारतीय टीम का ध्यान न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगा, जिसकी टी20 सीरीज 22 अक्टूबर से शुरू होने वाली थी। भुवनेश्वर को उस दौरे के लिए भी टीम में चुना गया है। ऐसे में यह मुकाबला उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की तैयारी और टीम में अपनी भूमिका स्पष्ट करने का अवसर भी हो सकता है।

फिलहाल सबसे अहम सवाल अर्शदीप सिंह की फिटनेस और भारत के अंतिम गेंदबाजी संयोजन का है। भुवनेश्वर की टीम में वापसी ने भारत को अतिरिक्त अनुभव दिया है, लेकिन निर्णायक मैच में किसे खेलने का मौका मिलेगा, इसका फैसला मैच से पहले ही होना था।
