33.70 मीटर पर पहुंचने के बाद थमा बढ़ाव, निचले और तटवर्ती इलाकों में निगरानी जरूरी
Bhagalpur। लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर को लेकर भागलपुर में फिलहाल राहत के संकेत दिखाई देने लगे हैं। रविवार सुबह छह बजे नदी का जलस्तर 33.70 मीटर दर्ज किया गया। यह निर्धारित खतरे के निशान 33.68 मीटर से दो सेंटीमीटर अधिक है। हालांकि रियल-टाइम आंकड़ों में जलस्तर का ट्रेंड स्थिर दर्ज किया गया है।
इससे संकेत मिल रहा है कि पिछले कुछ दिनों से जारी नदी के बढ़ाव की रफ्तार फिलहाल थम गई है। जलस्तर के स्थिर होने के बाद अब आने वाले समय में इसमें धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
रात में पार हुआ खतरे का निशान
शनिवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 33.67 मीटर दर्ज किया गया था। इसके बाद रात के दौरान नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। रविवार सुबह तक जलस्तर 33.70 मीटर पर दर्ज किया गया।
यानी कुछ घंटों में जलस्तर में बढ़ोतरी तो हुई, लेकिन अब इसके आगे बढ़ने की रफ्तार पर फिलहाल ब्रेक लगता नजर आ रहा है।

चार दिनों से लगातार बढ़ रहा था पानी
गंगा के जलस्तर में पिछले चार दिनों से लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही थी। शुक्रवार सुबह छह बजे नदी का जलस्तर 33.43 मीटर था, जो उसी दिन शाम छह बजे बढ़कर 33.53 मीटर हो गया।
इसके बाद शनिवार शाम छह बजे जलस्तर 33.67 मीटर तक पहुंच गया। रविवार सुबह यह 33.70 मीटर दर्ज किया गया। इस तरह नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है, लेकिन फिलहाल रियल-टाइम आंकड़ों में बढ़ाव की जगह स्थिरता दिखाई दे रही है।
ऊपर गंगा में स्थिरता का असर भागलपुर में भी
जल संसाधन विभाग अंतर्गत बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, भागलपुर के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश के अनुसार, गंगा के ऊपरी हिस्से में कई स्थानों पर जलस्तर स्थिर हो चुका है। इसका असर अब भागलपुर में भी दिखाई देने लगा है।
उनके अनुसार रविवार से भागलपुर में गंगा के जलस्तर में स्थिरता रहने की संभावना है। इसके बाद नदी का पानी धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।

खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण सतर्कता जरूरी
जलस्तर के स्थिर होने से बढ़ोतरी पर फिलहाल राहत के संकेत जरूर हैं, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ऐसे में तटवर्ती और निचले इलाकों में निगरानी बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल 33.70 मीटर पर स्थिर गंगा के जलस्तर पर प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर बनी हुई है। अगले कुछ घंटों के आंकड़े यह तय करेंगे कि नदी का जलस्तर स्थिर रहता है या इसमें गिरावट शुरू होती है।
