बीहट: बेगूसराय के बीहट इलाके में बाढ़ के बीच सोमवार की सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। रिफाइनरी थाना क्षेत्र की केशावे पंचायत के सिसवा गांव में विद्युत करंट की चपेट में आने से पिता और पुत्र की मौत हो गई। दोनों बाढ़ प्रभावित घर से जरूरी सामान निकालने पहुंचे थे।
हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया।
बाढ़ के कारण सुरक्षित जगह चले गए थे परिवार
सिसवा गांव के वार्ड संख्या 11 में बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद कैलाश मोची अपने परिवार और पशुओं के साथ सुरक्षित स्थान पर चले गए थे। बताया गया कि उनका परिवार गुप्ता लखमिनियां बांध के आसपास शरण लिए हुए था।
सोमवार सुबह करीब सात बजे कैलाश मोची अपने बेटे संतोष कुमार के साथ घर में रखा जरूरी सामान लेने के लिए वापस गांव पहुंचे थे। उन्हें अंदाजा नहीं था कि घर लौटना उनके लिए आखिरी सफर साबित होगा।
बेटे को बचाने की कोशिश में पिता भी करंट की चपेट में
घर में सामान निकालने के दौरान संतोष कुमार विद्युत करंट की चपेट में आ गए। बेटे को करंट लगा देखकर कैलाश मोची उसे बचाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन वह भी बिजली के संपर्क में आ गए।
हादसा इतना गंभीर था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों को इसकी सूचना दी। ताजा रिपोर्ट के अनुसार मृतकों की पहचान 50 वर्षीय कैलाश मोची और उनके 26 वर्षीय पुत्र संतोष कुमार के रूप में हुई है।
दो मौतों के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने बीहट-रिफाइनरी रोड को जाम कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए।
सड़क जाम होने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए जल्द सहायता उपलब्ध कराने की मांग करते रहे।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, लोगों को समझाने का प्रयास
घटना की सूचना मिलने के बाद बरौनी बीडीओ अनुरंजन कुमार और रिफाइनरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की।
प्रशासन की ओर से लोगों को आवश्यक कार्रवाई और उचित प्रक्रिया का भरोसा दिया गया। पुलिस ने हादसे की परिस्थितियों की जांच भी शुरू कर दी है।
बाढ़ के बीच बिजली सुरक्षा बनी बड़ी चिंता
सिसवा गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। ऐसे हालात में बिजली के तार और विद्युत उपकरण पानी के संपर्क में आने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
इस घटना ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि जलभराव वाले इलाकों में विद्युत व्यवस्था की जांच कर खतरनाक तारों और कनेक्शनों को सुरक्षित किया जाए, ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो।