आरएस थाना क्षेत्र में बिहार STF और जिला पुलिस की संयुक्त छापेमारी, चार मोबाइल और बाइक भी बरामद; मालदा से स्मैक मंगाकर बिहार में होती थी खुदरा बिक्री
Araria। बिहार में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में अररिया जिले के आरएस थाना क्षेत्र में बिहार STF और अररिया जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के पास से 300 ग्राम स्मैक बरामद हुई है, जिसकी बाजार कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई 8 अक्टूबर 2026 को की गई। STF की विशेष टीम और अररिया जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से आरएस थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीन संदिग्धों को पकड़ा गया।

तलाशी में उनके पास से स्मैक समेत अन्य सामान बरामद होने की बात सामने आई है। मामले में आरएस थाना पुलिस की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
तीन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वसीम शेख, पिता यूनुस शेख, निवासी कदमटोला, थाना कालियाचक, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल; पवन कुमार यादव, पिता सुरेश यादव, निवासी शेखपुरा, थाना भरगामा, जिला अररिया और दीपू मलिक, पिता नारायण मलिक, निवासी बस स्टैंड, थाना अररिया, जिला अररिया के रूप में हुई है। तीनों को अवैध मादक पदार्थ स्मैक और अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 300 ग्राम स्मैक बरामद की। प्रेस नोट के अनुसार, इसकी बाजार कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा चार मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। बरामदगी के बाद पुलिस ने जब्त सामान को जांच के दायरे में लेते हुए मामले की आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मालदा से बिहार पहुंचता था स्मैक का खेप
जांच के दौरान पुलिस के सामने तस्करी के नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी भी आई है। STF के अनुसार, वसीम शेख मालदा से मांग के अनुसार स्मैक लेकर बिहार के तस्करों को उपलब्ध कराता था। इसके बाद बिहार में उससे जुड़े लोग स्मैक की खुदरा बिक्री करते थे। इससे संकेत मिलता है कि मामला केवल स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थ की बिक्री तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे अंतरराज्यीय कनेक्शन भी था।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और मालदा से बिहार तक नशीले पदार्थों की सप्लाई किस माध्यम से की जाती थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
दीपू मलिक पर पहले से दर्ज हैं सात मामले
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल दीपू मलिक का आपराधिक इतिहास भी पुलिस जांच के केंद्र में है। STF के अनुसार, उसके खिलाफ अररिया और पूर्णिया जिले के अलग-अलग थानों में NDPS Act समेत सात मामले दर्ज हैं। यह जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है और अब उसके पुराने मामलों तथा वर्तमान गिरफ्तारी के बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अब बरामद स्मैक के स्रोत, आरोपियों के आपसी संपर्क, मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी और तस्करी के संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। खास तौर पर यह पता लगाने की कोशिश होगी कि मालदा से आने वाली खेप बिहार में किन लोगों तक पहुंचती थी और इसकी बिक्री का नेटवर्क किन इलाकों तक फैला हुआ था।
अररिया में STF और जिला पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 300 ग्राम स्मैक की बरामदगी और करीब 60 लाख रुपये की अनुमानित बाजार कीमत ने कार्रवाई को गंभीर बना दिया है। फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित थाना स्तर से आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।

