रामकुमार सिंह हत्याकांड की जांच के दौरान भोजपुर पुलिस और आरोपी शूटर पवन यादव के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, हथियार बरामदगी के लिए पवन यादव को लेकर टीम बहोरनपुर थाना क्षेत्र के सारंगपुर मोड़ के पास पहुंची थी। इसी दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। चेतावनी के बाद भी गोलीबारी जारी रहने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पवन यादव के दाएं पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग का दावा
भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित के अनुसार, रामकुमार सिंह हत्याकांड में गिरफ्तार पवन यादव ने पूछताछ के दौरान हत्या में इस्तेमाल हथियार छिपाने की जगह के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस टीम उसे हथियार बरामद करने के लिए संबंधित स्थान पर लेकर गई। इसी दौरान आरोपी ने मौका पाकर पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी, लेकिन फायरिंग जारी रहने पर जवाबी कार्रवाई की गई।
मुठभेड़ बहोरनपुर थाना क्षेत्र के सारंगपुर मोड़ के समीप हुई। गोली पवन यादव के दाएं पैर में लगी। सूचना मिलने पर एसपी अवधेश दीक्षित भी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस के मुताबिक, घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
15 अक्टूबर को पूर्व कस्टम अधिकारी की हुई थी हत्या
रामकुमार सिंह की हत्या 15 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब छह बजे आरा के नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ले में जैन कॉलेज के पूर्वी गेट के पास की गई थी। वह पूर्व कस्टम अधिकारी होने के साथ क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष भी थे। वारदात में उन्हें गोलियों से भून दिया गया था। घटना के बाद नवादा थाना में 12 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई थी। इसका नेतृत्व एसडीपीओ सदर-वन कर रहे थे। टीम में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल किए गए थे। पुलिस मृतक के परिजनों की ओर से दिए गए आवेदन, उसमें लगाए गए आरोपों और हत्या के संभावित कारणों के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही थी।
हत्या के लिए सात लाख रुपये की सुपारी का खुलासा
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हत्याकांड में शामिल शूटर पिंटू कुमार को पहले गिरफ्तार किया गया था। वह मुख्य आरोपित चंदन सिंह का दोस्त बताया गया है। पिंटू कुमार भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के झौंवा गांव का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, उसका आपराधिक इतिहास रहा है और वह हत्या, हत्या के प्रयास तथा शराब से जुड़े करीब दस गंभीर मामलों में आरोपित रहा है।
पूछताछ के दौरान पिंटू ने कथित तौर पर बताया था कि हत्या के लिए सात लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। उपलब्ध इनपुट के अनुसार, इस रकम में पहली किस्त के तौर पर दो लाख रुपये दिए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस इस कथित भुगतान और सुपारी की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
अब तक छह गिरफ्तारियों की जानकारी
पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में शामिल तीन शूटरों में पवन यादव भी शामिल था। इससे पहले शूटर पिंटू कुमार को गिरफ्तार किया गया था। पवन यादव की गिरफ्तारी और मुठभेड़ के बाद इस मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। पुलिस का कहना है कि हत्याकांड में अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने यह भी बताया कि पवन यादव से पूछताछ में हथियार छिपाने की जगह का पता चला था। अब बरामदगी, अन्य आरोपितों की भूमिका और हत्या के पीछे के कारणों को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। एसपी के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी साजिश की पूरी कड़ी
पूर्व कस्टम अधिकारी की हत्या के बाद से भोजपुर पुलिस पर मामले का खुलासा करने और आरोपितों को पकड़ने का दबाव था। एसआईटी के गठन के बाद हुई गिरफ्तारियों और कथित सुपारी के खुलासे से जांच को दिशा मिली है। हालांकि, हत्या की पूरी साजिश, रकम के लेन-देन और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल पुलिस मुठभेड़ में पवन यादव के घायल होने, उसे अस्पताल में भर्ती कराने और अन्य आरोपितों की तलाश जारी रहने की पुष्टि की गई है।
