पटना दानापुर ट्रेन लेट होने से दीपावली पर बिहार लौट रहे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दूसरे राज्यों से पटना और दानापुर पहुंचने वाली कई लंबी दूरी की एक्सप्रेस, पूजा स्पेशल और फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें निर्धारित समय से कई घंटे पीछे चल रही हैं। उपलब्ध रेलवे ऐप अपडेट के अनुसार, कुछ ट्रेनों की देरी पांच से 11 घंटे से भी अधिक दर्ज की गई। इसका सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है, जो त्योहार मनाने के लिए परिवार के साथ अपने घर लौट रहे हैं।
दानापुर एक्सप्रेस 11 घंटे से अधिक विलंब से चलने की सूचना
सबसे अधिक देरी से चलने वाली ट्रेनों में एसएमवीटी बेंगलुरु से आने वाली दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22366) शामिल रही। इसका पटना पहुंचने का निर्धारित समय रात 12:15 बजे बताया गया था, जबकि उपलब्ध अपडेट में सुबह 11:32 बजे पहुंचने की संभावना जताई गई। इस हिसाब से ट्रेन करीब 11 घंटे 17 मिनट विलंब से चल रही थी।
चरलापल्ली से पटना आने वाली स्पेशल ट्रेन (03254) 10 घंटे 22 मिनट और संघमित्रा एक्सप्रेस (12295) आठ घंटे 56 मिनट विलंब से चल रही थी। गुवाहाटी-बाड़मेर एक्सप्रेस (15632) की देरी करीब सात घंटे 59 मिनट बताई गई। हावड़ा से आने वाली पूजा स्पेशल (04053) भी सात घंटे 39 मिनट पीछे चल रही थी।
कई अन्य स्पेशल ट्रेनें भी घंटों पीछे
कामाख्या फेस्टिवल स्पेशल (09711) करीब छह घंटे 14 मिनट और राजगीर जनसाधारण स्पेशल (09441) छह घंटे 23 मिनट विलंब से चल रही थी। साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287) की देरी पांच घंटे सात मिनट बताई गई। पुणे से दानापुर आने वाली पूजा स्पेशल (01441) चार घंटे एक मिनट और हुब्बल्ली स्पेशल (07316) चार घंटे 20 मिनट विलंब से चल रही थी।

पटना जनसाधारण स्पेशल (04404) करीब तीन घंटे 44 मिनट, मदार से पटना आने वाली स्पेशल (09601) तीन घंटे 10 मिनट और अगरतला से मुंबई जाने वाली एलटीटी एसी एक्सप्रेस (15660) दो घंटे 53 मिनट विलंब से चल रही थी। गोड्डा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22312) की देरी करीब एक घंटा 13 मिनट बताई गई। ट्रेन संचालन की स्थिति बदलती रहती है, इसलिए ये समय संबंधित अपडेट के समय उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं।
स्टेशनों पर परिवार और बच्चों के साथ इंतजार
त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से बिहार लौटते हैं। ऐसे में ट्रेन के कई घंटे विलंब से पहुंचने पर यात्रियों को प्लेटफार्म पर लंबा इंतजार करना पड़ता है। परिवार और छोटे बच्चों के साथ सफर कर रहे लोगों के लिए यह स्थिति और कठिन हो जाती है। यात्रियों को आगे की यात्रा, घर पहुंचने और परिजनों को लेने आने वालों की योजना भी बदलनी पड़ती है।
दक्षिण भारत, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों की देरी से खास तौर पर लंबी दूरी के यात्रियों को परेशानी होने की बात सामने आई। समय पर ट्रेन नहीं आने से स्टेशन पर भीड़ और प्रतीक्षा का दबाव बढ़ता है।
पैंट्री कार नहीं होने से खानपान की दिक्कत
यात्रियों की शिकायतों में फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों में पैंट्री कार की सुविधा नहीं होना भी शामिल है। पांच से 11 घंटे तक की देरी के दौरान खाने-पीने की व्यवस्था करना यात्रियों के लिए मुश्किल हो सकता है। कुछ स्टेशनों पर ट्रेन के रुकने का समय सीमित होने से यात्रियों को जरूरी सामान खरीदने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता।

लंबे इंतजार और यात्रा के दौरान शौचालयों की सफाई को लेकर भी परेशानी बताई गई। यात्रियों के अनुसार, सफाई नियमित नहीं होने से गंदगी बढ़ती है, जिसका असर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर अधिक पड़ता है। यात्रियों ने रेलवे से स्पेशल ट्रेनों में खानपान और साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है।
यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह
रेलवे की ओर से यात्रियों को सलाह दी गई है कि स्टेशन के लिए घर से निकलने से पहले आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर ट्रेन के आगमन और प्रस्थान का ताजा अपडेट देख लें। त्योहारों के समय परिचालन की स्थिति में बदलाव संभव है। ऐसे में पुरानी समय-सारिणी के आधार पर स्टेशन पहुंचने के बजाय लाइव स्थिति की जांच करना उपयोगी रहेगा।
फिलहाल पटना और दानापुर आने वाली ट्रेनों की देरी ने दीपावली पर घर लौटने वाले यात्रियों की यात्रा को मुश्किल बना दिया है। यात्रियों की अपेक्षा है कि रेलवे देरी की सूचना समय पर उपलब्ध कराने के साथ लंबी दूरी की विशेष ट्रेनों में बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दे।
