केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नित्यानंद राय ने सहरसा में विपक्षी दलों पर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां एनडीए सरकार देश की सेवा, सीमा सुरक्षा, आंतरिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और गरीबों के उत्थान के लिए काम कर रही है, वहीं विपक्ष विदेशी गुर्गों से महामंत्र लेकर अराजकता फैलाने में लगा है। बुधवार को लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा में शामिल होने से पहले जिला परिषद परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बातें कहीं।
सहरसा में सभा के बाद निकली पदयात्रा
नित्यानंद राय ने जिला परिषद परिसर में आयोजित सभा में अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन दलों को यह समझ में आ जाएगा कि देश क्या चाहता है। उनके भाषण का मुख्य जोर लोकतंत्र की रक्षा, देश की सुरक्षा और विपक्ष की राजनीति पर रहा।
उन्होंने कहा कि देश 1947 के दंश को दोबारा झेलने के लिए तैयार नहीं है। अपने संबोधन में उन्होंने 1962 की घटनाओं और देश की गरीबी का भी उल्लेख किया। राय ने दावा किया कि देश के 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और 2047 तक भारत दुनिया के समृद्ध देशों की सूची में शामिल होगा। ये आंकड़े और दावे सभा में उनके द्वारा रखे गए राजनीतिक वक्तव्य का हिस्सा थे।
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर निशाना
गृह राज्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि वे भ्रम फैलाकर देश में अराजकता कायम करने और सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को देशवासियों की चिंता नहीं है। राय ने अपने भाषण में कांग्रेस, राजद, सपा और कम्युनिस्ट दलों को एक साथ निशाने पर रखा।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करना उचित है, लेकिन आंदोलन के नाम पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उनके मुताबिक, लोकतंत्र देश की सबसे बड़ी और पवित्र व्यवस्था है तथा इसे सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सहरसा की धरती से देशवासियों को सतर्क रहने का संदेश भी दिया।
एनडीए सरकार की प्राथमिकताओं का किया उल्लेख
अपने संबोधन में नित्यानंद राय ने एनडीए सरकार की प्राथमिकताओं के तौर पर देश की सुरक्षा, सीमा की रक्षा, आंतरिक व्यवस्था और गरीबों के उत्थान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार देश के कल्याण के संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने गरीबी से बाहर आए लोगों की संख्या का उल्लेख करते हुए 2047 तक भारत को समृद्ध देशों की श्रेणी में खड़ा करने का लक्ष्य भी दोहराया।
राय ने कहा कि देश ने विभाजन, 1962 की भूल और गरीबी का दौर देखा है और अब देशवासी इन परिस्थितियों को दोहराने के पक्ष में नहीं हैं। उनके भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा को प्रमुख मुद्दे के रूप में रखा गया।
स्थानीय नेताओं ने भी सभा को किया संबोधित
पूर्व मंत्री डॉ. आलोक रंजन के संचालन में हुई सभा में जदयू नेता और विधानसभा के सचेतक विनय चौधरी, सिमरी बख्तियारपुर के विधायक संजय सिंह तथा हम सेकुलर के विधायक प्रफुल्ल मांझी ने भी संबोधित किया। भाजपा जिलाध्यक्ष साजन शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। नगर निगम की महापौर बैनप्रिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

सभा में मौजूद नेताओं ने कार्यक्रम के उद्देश्य और राजनीतिक संदेश को लेकर अपनी बातें रखीं। आयोजन के बाद नित्यानंद राय के नेतृत्व में शहर में पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा को लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत आयोजित किया गया था।
पदयात्रा के जरिए राजनीतिक संदेश
सभा और पदयात्रा के दौरान नित्यानंद राय ने लोकतंत्र को पवित्र बनाए रखने तथा अराजकता फैलाने वालों के प्रयासों को सफल नहीं होने देने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश आगे बढ़ रहा है और नागरिकों को लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए सजग रहना चाहिए। विपक्ष पर लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा हैं। सभा में विपक्षी दलों की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध कराई गई सूचना में शामिल नहीं है।
सहरसा में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा और सहयोगी दलों के स्थानीय नेताओं की मौजूदगी रही। जिला परिषद परिसर में सभा के बाद शहर में पदयात्रा निकाली गई। कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान में नित्यानंद राय ने केंद्र सरकार की नीतियों और विपक्ष की भूमिका को लेकर अपना पक्ष रखा।
