जमुई में किऊल-झाझा रेलखंड पर एक दर्दनाक रेल हादसे में 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई। जमुई स्टेशन के समीप गादी कटौना के पास ट्रेन से गिरने के बाद युवक उसकी चपेट में आ गया। हादसे में उसके शरीर के कई हिस्से कटकर अलग हो गए। घटना के बाद शव के अवशेष रेलवे ट्रैक के आसपास बिखरे मिले। बताया गया कि इस दौरान करीब आधे दर्जन ट्रेनें उसी रेलखंड से गुजरीं, जिससे शव और अधिक क्षत-विक्षत हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अवशेषों को कब्जे में लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
आंध्र प्रदेश जाने की तैयारी में था मनोहर
मृतक की पहचान बरहट थाना क्षेत्र के लखैय पंचायत अंतर्गत पनपुरवा गांव निवासी मनोहर कुमार के रूप में हुई है। वह वीरेंद्र मंडल के 28 वर्षीय पुत्र थे। परिजनों के अनुसार मनोहर शादीशुदा थे और उनके परिवार में दो बेटे तथा एक बेटी हैं। वह परिवार के लिए कमाई का मुख्य सहारा थे। अचानक हुए इस हादसे की खबर मिलते ही घर में मातम पसर गया।
परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक मनोहर अपनी बहन को ट्रेन पर बैठाने के लिए गिद्धौर स्टेशन गए थे। इसके बाद वह उसी सुपरफास्ट ट्रेन से जसीडीह की ओर जा रहे थे। उनका आगे आंध्र प्रदेश जाने का कार्यक्रम था। जसीडीह पहुंचकर उन्हें दूसरी ट्रेन पकड़नी थी। लेकिन गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही किऊल-झाझा रेलखंड पर यह हादसा हो गया।
गादी कटौना के पास हुआ हादसा
घटना जमुई स्टेशन के आसपास गादी कटौना के पास हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक ट्रेन से गिर गया और इसके बाद ट्रेन की चपेट में आ गया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि शव के कई हिस्से अलग हो गए। रेलवे ट्रैक पर पोल संख्या 390/23 से 390/26 के बीच शव के अवशेष बिखरे पाए जाने की बात सामने आई है।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव के अवशेषों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। दुर्घटना के कारणों को लेकर पुलिस की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, युवक चलती ट्रेन से किस परिस्थिति में गिरा, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है।
शव के ऊपर से गुजरीं कई ट्रेनें
इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि घटना के बाद भी रेल परिचालन जारी रहा। बताया गया कि लगभग आधे दर्जन ट्रेनें शव के ऊपर से गुजर गईं। इससे मृतक के शरीर के अवशेष और अधिक बिखर गए तथा घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह हो गया। रेलवे ट्रैक पर अलग-अलग स्थानों पर मिले अवशेषों को पुलिस ने एकत्र किया।
रेलवे लाइन पर इस तरह की दुर्घटनाओं में समय पर सूचना और घटनास्थल की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में भी सूचना मिलते ही पुलिस के मौके पर पहुंचने और आवश्यक कार्रवाई शुरू करने की बात सामने आई है। आगे की जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि युवक ट्रेन से किस स्थान और किस परिस्थिति में गिरा था।
परिवार का इकलौता कमाने वाला सहारा
मनोहर कुमार की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार वह परिवार के लिए कमाई का मुख्य सहारा थे। उनके पीछे पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं। हादसे की खबर घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में भी घटना की सूचना फैलते ही शोक का माहौल बन गया।

ग्रामीणों और परिचितों के लिए भी मनोहर की मौत की खबर बेहद दुखद रही। परिवार को इस बात का अंदाजा नहीं था कि आंध्र प्रदेश जाने की तैयारी कर रहे मनोहर का सफर बीच रास्ते में ही खत्म हो जाएगा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना के बाद पुलिस ने शव के अवशेषों को कब्जे में लिया। पोस्टमार्टम और पहचान से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस की जांच में दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए घटनास्थल और उपलब्ध जानकारी का अध्ययन किया जा रहा है।
किऊल-झाझा रेलखंड पर इससे पहले भी ट्रेन से गिरने और ट्रेन की चपेट में आने की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालिया घटनाओं में भी पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर हादसे की परिस्थितियों की जांच कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की है। ऐसे मामलों में वास्तविक कारण की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होती है।
जमुई में हादसे के बाद शोक
मनोहर कुमार की मौत ने पनपुरवा गांव और आसपास के इलाके को गमगीन कर दिया है। एक ओर परिवार अपने सदस्य को खोने के सदमे से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इस घटना से स्तब्ध हैं। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता अब बच्चों और घर की जिम्मेदारियों की है।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है। हादसे की परिस्थितियों और युवक के ट्रेन से गिरने के कारणों को लेकर जांच के बाद ही तस्वीर और स्पष्ट होगी। इस बीच परिवार को पोस्टमार्टम और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव सौंपे जाने की कार्रवाई की जा रही है।
