Dinman Times
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Reading: गया के सरकारी अस्पतालों में डिजिटल पंजीकरण, आरोग्य सेतु 2.0 से बनेगी आभा आईडी
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Follow US
© 2026. All Rights Reserved.

Home - देश - बिहार - गया - गया के सरकारी अस्पतालों में डिजिटल पंजीकरण, आरोग्य सेतु 2.0 से बनेगी आभा आईडी

गया के सरकारी अस्पतालों में डिजिटल पंजीकरण, आरोग्य सेतु 2.0 से बनेगी आभा आईडी

State Desk Bihar
Last updated: अक्टूबर 31, 2026 4:03 अपराह्न
By : State Desk Bihar
Published on : 1 घंटा पहले
गया सरकारी अस्पतालों में आरोग्य सेतु 2.0 से पंजीकरण
गया सरकारी अस्पतालों में आरोग्य सेतु 2.0 से पंजीकरण
साझा करें

गया: सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए आरोग्य सेतु 2.0 आधारित डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था लागू की गई है। जिले के सरकारी अस्पतालों में 31 अक्टूबर से ओपीडी पंजीकरण की प्रक्रिया को नई डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा गया है। इसके तहत मरीजों को आभा आईडी और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी रखना उपयोगी होगा। आरोग्य सेतु 2.0 को राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंच का माध्यम बनाया गया है।

जिले में यह व्यवस्था प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल अस्पताल, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल, जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल और प्रभावती अस्पताल समेत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लागू किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, नई व्यवस्था के पहले ही दिन कुछ मरीजों को एप के जरिए पंजीकरण कराने में परेशानी का सामना करना पड़ा। जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल में ऐसी स्थिति आने पर अस्पताल प्रबंधन ने ड्रिफकेस एप के माध्यम से मरीजों का पंजीकरण कराया, ताकि इलाज की प्रक्रिया बाधित न हो।

पहले दिन आई तकनीकी दिक्कत, वैकल्पिक एप से हुआ पंजीकरण

जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल के प्रबंधक संजय अम्बष्ट के अनुसार, 31 अक्टूबर को नई व्यवस्था के पहले दिन आरोग्य सेतु एप के माध्यम से पंजीकरण में कुछ मरीजों को परेशानी हुई। इसके बाद संबंधित मरीजों का ड्रिफकेस एप के जरिए पंजीकरण कराकर इलाज की व्यवस्था की गई। इससे संकेत मिलता है कि नई डिजिटल प्रक्रिया को पूरी तरह सुचारु होने में शुरुआती स्तर पर तकनीकी और उपयोग संबंधी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।

आरोग्य सेतु 2.0 को केंद्र सरकार ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नए रूप में विकसित किया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एप में ABHA बनाने और प्रबंधित करने, स्वास्थ्य रिकॉर्ड देखने और सहमति के आधार पर साझा करने तथा Scan & Share के जरिए डिजिटल पंजीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

Dinman Times ads 728-90

आभा आईडी बनाने के लिए क्या करना होगा?

मरीज के पास एंड्रायड मोबाइल, आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर होना जरूरी बताया गया है। आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने के बाद पंजीकरण विकल्प के जरिए आधार संबंधी जानकारी और मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी की मदद से प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आभा आईडी बनने के बाद डिजिटल आभा कार्ड को मोबाइल में सुरक्षित रखा जा सकता है।

ये भी पढ़े

मानसी में STF और खगड़िया पुलिस की कार्रवाई, 100 ग्राम स्मैक के साथ दो गिरफ्तार
NIA केस में वांछित संदीप सिन्हा उर्फ छोटू लाला हाजीपुर से गिरफ्तार, STF की कार्रवाई
पावापुरी में 7 नवंबर से सजेगा आस्था और संस्कृति का संगम, महोत्सव की तैयारियां तेज
लिफ्ट देने के बहाने 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म, लखीसराय से आरोपित गिरफ्तार

ध्यान देने वाली बात यह है कि ओटीपी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। मरीज को पंजीकरण की प्रक्रिया स्वयं पूरी करनी चाहिए या केवल अधिकृत सहायता काउंटर की मदद लेनी चाहिए।

डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड का क्या होगा फायदा?

आभा एक 14 अंकों की विशिष्ट स्वास्थ्य पहचान है, जिसका इस्तेमाल सहमति के आधार पर स्वास्थ्य रिकॉर्ड को अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ने और साझा करने के लिए किया जा सकता है। इससे मरीज की मेडिकल रिपोर्ट, चिकित्सकीय दस्तावेज और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है।

आरोग्य सेतु 2.0 में स्वास्थ्य रिकॉर्ड प्रबंधन के अलावा नजदीकी स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी, टेली-कंसल्टेशन और अन्य डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। एप की My Consent व्यवस्था के जरिए स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करने की अनुमति को उपयोगकर्ता नियंत्रित कर सकता है।

Dinman Times ads 728-90

ग्रामीण मरीजों के लिए जागरूकता सबसे जरूरी

गया जिले में बड़ी संख्या में मरीज ग्रामीण इलाकों से सरकारी अस्पतालों में पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग और ऐसे लोग भी शामिल होते हैं, जिन्हें मोबाइल एप के इस्तेमाल की जानकारी कम होती है। ऐसे मरीजों के लिए डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था की जानकारी पहले से होना महत्वपूर्ण है। आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने, नेटवर्क या ओटीपी से जुड़ी परेशानी की स्थिति में पंजीकरण प्रभावित हो सकता है।

इसलिए अस्पताल जाने से पहले मरीजों को अपने आधार कार्ड और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की स्थिति जांच लेने की सलाह दी गई है। शुरुआती दिनों में अस्पतालों के पंजीकरण केंद्रों पर मरीजों को पर्याप्त मार्गदर्शन मिलना भी जरूरी होगा, ताकि डिजिटल व्यवस्था इलाज में बाधा न बने।

गया के सरकारी अस्पतालों में बदल रहा पंजीकरण का तरीका

सरकारी अस्पतालों में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था का उद्देश्य कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता कम करना और मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से व्यवस्थित करना है। केंद्र की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक आरोग्य सेतु 2.0 को इसी डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे के एक नागरिक-केंद्रित माध्यम के रूप में विकसित किया गया है।

गया में 31 अक्टूबर से शुरू हुई व्यवस्था के पहले दिन तकनीकी परेशानी के बावजूद वैकल्पिक डिजिटल माध्यम से मरीजों का पंजीकरण किया गया। अब आने वाले दिनों में इस व्यवस्था के स्थायी रूप से सुचारु होने और मरीजों को इसके इस्तेमाल की जानकारी मिलने से ओपीडी पंजीकरण की प्रक्रिया कितनी आसान होती है, यह देखने वाली बात होगी।

Dinman Times ads 728-90
TAGGED:Bihar NewsGaya News
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर शेखपुरा में किशोरी से दुष्कर्म, लखीसराय से आरोपित गिरफ्तार लिफ्ट देने के बहाने 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म, लखीसराय से आरोपित गिरफ्तार
अगली ख़बर ISRO का NVS-03 लॉन्च, NavIC को मिलेगी मजबूती जीएसएलवी-F18 ने NVS-03 को कक्षा में पहुंचाया, NavIC को मिलेगी नई मजबूती
Google prefered

गूगल पर फेवरेट बनाएँ

ये भी पढ़ें

Starlink पर मस्क का नियंत्रण: यूक्रेन विवाद और यूरोप

Starlink पर मस्क का नियंत्रण क्यों बना वैश्विक चिंता? यूक्रेन विवाद के बाद यूरोप भी तलाश रहा विकल्प

मानसी में 100 ग्राम स्मैक के साथ दो गिरफ्तार

मानसी में STF और खगड़िया पुलिस की कार्रवाई, 100 ग्राम स्मैक के साथ दो गिरफ्तार

NIA केस में वांछित संदीप सिन्हा हाजीपुर से गिरफ्तार

NIA केस में वांछित संदीप सिन्हा उर्फ छोटू लाला हाजीपुर से गिरफ्तार, STF की कार्रवाई

Teghaza 001: सहारा में मिला 4.1 अरब साल पुराना मंगल पत्थर

सहारा में मिला 4.1 अरब साल पुराना मंगल का उल्कापिंड, प्राचीन पानी के मिले संकेत

IN-SPACe: 6 स्पेस स्टार्टअप को AI अनुदान, ₹1 करोड़ तक

AI से बदलेगा भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र: IN-SPACe ने 6 स्टार्टअप को चुना, हर परियोजना को 1 करोड़ तक अनुदान

Dinman Ads

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • विदेश
  • धर्म
  • खेल
  • टेक्नोलॉजी
  • पटना

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?